PMFBY Claim Rejection: बार-बार रिजेक्ट हो रहा फसल बीमा का क्लेम? जानें बचने के तरीके
PMFBY Claim Rejection: अगर आपकी भी फसल खराब हो चुकी है और फसल बीमा भी किसी कारणवश रिजेक्ट हो चुका है, तो आपको अगली बार इन जरुरी बातों का ध्यान रखना होगा.

PMFBY Claim Rejection: मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को बचाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाती है. फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के लिए फसल बीमा योजना आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन होती है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियों के कारण किसान क्लेम के लाभ से रिजेक्ट हो जाते हैं. जैसे कि, समय पर नुकसान की सूचना नहीं देना, दस्तावेजों में गड़बड़ी या बीमा में नामांकन की पुष्टि नहीं करना जैसी गलतियां क्लेम रिजेक्ट होने या मुआवजा मिलने में देरी का कारण बनती हैं. अगर आप भी अपनी डूबी हुई फसल का पूरा पैसा पाना चाहते हैं. तो इन गलतियों से बचना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.
यहां होती है किसानों से गलती
बीमा कंपनियां कुछ नियमों के आधार पर काम करती हैं. अगर उन नियमों में थोड़ी भी चूक हो जाए, तो क्लेम खारिज कर दिया जाता है. नियम के मुताबिक, अगर ओलावृष्टि, बाढ़ या आंधी से फसल खराब होती है, तो किसान को नुकसान के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना बीमा कंपनी या कृषि विभाग को देनी होती है. ज्यादातर किसान सूचना देने में देरी कर देते हैं, जिससे उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है. साथ ही कई बार किसान के आधार कार्ड, बैंक खाते और जमीन के कागजात खसरा-खतौनी में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग होती है. जब कागजात आपस में मैच नहीं होते, तो बीमा कंपनी क्लेम रोक देती है.
कई बार बीमा कराते समय कागजों में किसी और फसल का नाम लिखा होता है, लेकिन असलियत में खेत में कोई दूसरी फसल बोई गई होती है. इस अंतर के कारण भी क्लेम तुरंत खारिज हो जाता है. साथ ही कई बार किसानों के बैंक खाते एक्टिव नहीं होते या आधार कार्ड से लिंक नहीं होते. इस वजह से बीमा का पैसा पास होने के बाद भी किसानों के खाते तक नहीं पहुंच पाता.
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कलैम रिजेक्शन से ऐसे बचें
इस मामले में किसानों को थोड़ा सतर्क रहने की जरुरत है. इसलिए फसल खराब होते ही बिना देर किए कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. इसके अलावा Crop Insurance मोबाइल ऐप के जरिए भी नुकसान की फोटो अपलोड कर सकते हैं. साथ ही बैंक जाकर चेक करें कि आपका नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड बिल्कुल सही तरीके से जुड़े हैं या नहीं.
प्रीमियम की रसीद संभालकर रखें
अगर आप लोन लेने वाले किसान हैं, तो बैंक से यह जरूर पक्का करें कि आपके खाते से बीमा का प्रीमियम कटा है या नहीं. उसकी रसीद हमेशा अपने पास संभालकर रखें. साथ ही, जब भी खेत का सर्वे हो, वहां खुद मौजूद रहें और नुकसान वाली फसल की साफ तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपने पास जरूर रखें.
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