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अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो
मां एक ऐसा शब्द जिसके आगे दुनिया का हर शब्द छोटा पड़ जाता है। मां वह होती है जो अपनी संतान को बाहरी खतरों से बचाने के लिए उनकी देखभाल करती है, उनका पालन-पोषण करती है। एक बच्चे की माँ निस्वार्थ भक्ति और प्रेम का आदर्श उदाहरण है। लेकिन औरेया में एक कलियुगी मां अपनी दूध मुंही बच्ची को मौत के मुंह में छोड़ गई। लेकिन कहते हैं जाको राखे साइंया ...मार सके ना कोय....ये रिपोर्ट देखिए....
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श्रीप्रकाश सिंह, प्रोफेसरकुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल उत्तराखंड
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