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कानून में बदलाव की जरूरत ?
कानून के जानकारों का कहना है कि कानून में मौजूद कुछ नियम ही इन जल्लादों के लिए संजीवनी साबित होते हैं...इन सात सालों में भी यही हुआ निर्भया के गुनहगारों ने हर कोशिश की खुद को फांसी के फंदे से बचाने की...सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अक्षय ठाकुर...मुकेश...पवन...और विनय लगातार कोशिश करते रहे खुद को बचाने की वजह कानून मौजूद वो बारीकियां जो गुनहगारों की मदद करती रहीं...
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प्रशांत अग्रवालप्रेसिडेंट, नारायण सेवा संस्थान
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