Ghazipur Border को खाली करने की बात अफवाह, फिर किसान Vs Modi सरकार की छिड़ी जंग
भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में गाजीपुर बॉर्डर पर किसान 26 नवंबर 2020 से ही डटे हैं। अब इसके 11 महीने होने वाले हैं। लेकिन तेवर पहले जैसे ही हैं। आर-पार का अंदाज भी पहले की तरह आक्रामक है। नई बात है तो ये कि अब किसान ये साबित करने में जुटे हैं कि यहां हाईवे जाम करने का उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है। राकेश टिकैत का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने ही देश की राजधानी की तरफ जाने वाले रास्तों को बंद कर रखा है और किसानों पर झूठी तोहमत लगाई जा रही है। इसलिए बैरिकेड हटाए जाने चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की तरफ से ये ट्वीट भी किया गया है कि गाजीपुर बॉर्डर को खाली करने की बात अफवाह है. भाकियू का दावा है कि हम सिर्फ यह दिखा रहे हैं कि रास्ता किसानों ने नहीं, दिल्ली पुलिस ने बन्द किया है।





























