2012 London Olympics में जिसने थामी भारत की मशाल, आज कर रही है असम के चाय बागान में काम
असम के डिब्रूगढ़ जिले की पिंकी करमाकर को लंदन ओलंपिक में मशाल ले जाने के लिए भारत के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया था. डिब्रूगढ़ में बोरबोरूआ चाय बागान की दसवीं कक्षा की छात्रा, लंदन 2012 ओलंपिक के आधिकारिक विरासत कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय प्रेरणा कार्यक्रम के तहत अपने सामुदायिक कार्य की मान्यता में ओलंपिक मशाल रिले के लिए चुने गए 20 देशों में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि थी. ओलंपिक के बाद भारत लौटने पर पिंकी का हुआ था जोरदार स्वागत. समारोह में सर्बानंद सोनोवाल सहित कई नेता थे मौजूद. हालाँकि, पिंकी कर्माकर के लिए यह प्रशंसा अल्पकालिक साबित हुई. अब 26, वह अपने पिता, दो बहनों और एक छोटे भाई सहित अपने परिवार का समर्थन करने के लिए बोरबोरूआ चाय बागान में एक मजदूर के रूप में काम करती है. गंभीर आर्थिक तंगी के कारण चाय बागान में मजदूर के तौर पर 167 रुपए दिहाड़ी पर काम करने को मजबूर.
























