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Marathi Language Row: Mira Road में MNS का प्रदर्शन, मंत्री को खदेड़ा गया
महाराष्ट्र के मीरा रोड में मराठी भाषा के सम्मान में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का विरोध प्रदर्शन जारी है. सुबह से ही पुलिस MNS कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में डटे हुए हैं. इस दौरान महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. MNS कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और 'जय गुजरात वाला आया' जैसे नारे लगाते हुए उन्हें प्रदर्शन स्थल से खदेड़ दिया. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब मराठी भाषा के सम्मान का मुद्दा सामने आया, तब सत्ताधारी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने कोई ठोस भूमिका नहीं निभाई. MNS नेताओं का कहना है कि मंत्री मराठी के मुद्दे पर समर्थन देने आए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें वापस भेज दिया क्योंकि उन्हें लगा कि जब जरूरत थी तब कोई नहीं आया. पुलिस ने पहले इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन अब मीरा रोड रेलवे स्टेशन के बाहर MNS कार्यकर्ताओं को इकट्ठा होने दिया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि वे अप्रिय घटना से बचने के लिए रूट बदलना चाहते थे, लेकिन MNS कार्यकर्ता अपनी तय रूट पर अड़े थे. MNS के एक स्थानीय नेता को भी हिरासत में लिया गया था. यह प्रदर्शन मराठी भाषा के सम्मान और परप्रांतीय लोगों के खिलाफ MNS के आक्रामक रुख को दर्शाता है. प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज के जयकारे लगा रहे हैं और 'मी मराठी' का उद्घोष कर रहे हैं. यह घटना महाराष्ट्र में भाषा विवाद को और गहरा करती है. महाराष्ट्र में Marathi भाषा को लेकर जारी विवाद (Marathi Language Row) गहराता जा रहा है. मीरा रोड (Mira Road) में हुए एक प्रदर्शन के दौरान, संतोष (Santosh) ने Pratap Sarnaik और Shiv Sena पर तीखा हमला बोला. संतोष ने आरोप लगाया कि Pratap Sarnaik का मराठी प्रेम आज जागा है, जबकि जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी तब वे सामने नहीं आए. उन्होंने इस बात पर भी गुस्सा जाहिर किया कि जब 'Hindi शक्ति' का मुद्दा उठा था, तब Shiv Sena ने कोई ठोस भूमिका नहीं निभाई थी. संतोष ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल MNS का नहीं है, बल्कि इसमें सभी Parties के लोग शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को रात 3 बजे गिरफ्तार किया गया, जबकि Pratap Sarnaik को नहीं. यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की Politics में एक नए मोड़ का संकेत दे रहा है, खासकर आगामी BMC Elections को देखते हुए. इस आंदोलन में Shiv Sena (Uddhav Thackeray faction), NCP और Congress के कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी बताई जा रही है, जो सत्ताधारी BJP, Eknath Shinde और Ajit Pawar गठबंधन के लिए चुनौती खड़ी कर रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनके नेता अविनाश जाधव (Avinash Jadhav) और अन्य कार्यकर्ता रिहा नहीं हो जाते, तब तक यह मोर्चा जारी रहेगा. यह पूरा विवाद Mira Road में एक Shopkeeper के साथ हुई घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें उसे Marathi न बोलने पर कथित तौर पर पीटा गया था. Police ने इस मामले में कार्रवाई की है, लेकिन MNS और अन्य मराठीवादी संगठन इसे Marathi Pride से जोड़कर देख रहे हैं. यह मुद्दा अब Regional Identity और Linguistic Pride की बहस को तेज कर रहा है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है.
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