एक्सप्लोरर
घर वालों को लगा हो गई मौत, 41 साल बाद जेल से मिली रिहाई
पूर्वी नेपाल में उनके घर के लोगों को बहुत पहले ही लगा की दुर्गा प्रसाद की मौत हो चुकी है। दरहसल 1980 में भारतीय सेना में जॉइन करने के लिए घर छोड़कर नेपाल से दार्जीलिंग आये थे स्कूल शिक्षक दुर्गा चरण
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक , इसके बाद उनको दार्जीलिंग में एक खून के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था । जिसने दुर्गा चरण को नौकरी देने के नाम मे दार्जीलिंग बुलाया था ,खून का आरोप उसने ही दर्ज करवाया था । इसके बाद अलग अलग जेल ही ठिकाना रहा दुर्गा चरण का.
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक , इसके बाद उनको दार्जीलिंग में एक खून के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था । जिसने दुर्गा चरण को नौकरी देने के नाम मे दार्जीलिंग बुलाया था ,खून का आरोप उसने ही दर्ज करवाया था । इसके बाद अलग अलग जेल ही ठिकाना रहा दुर्गा चरण का.
न्यूज़
अतीक अहमद के बेटे की डरावनी पिक्चर !
और देखें





















