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'योगा' से हुआ 'योग', जानें कैसे हुआ ये संयोग | योग यात्रा Baba Ramdev के साथ
पहले लोग योग ध्यान समाधी करते थे, लेकिन बाद में ये योगा हो गया और अब ये फिर से योग हो गया है. योग इतना ज्यादा विराट है कि इसे किसी एक विद्या में नहीं बांधा जा सकता है. योग मतलब ही जोड़ना होता है. जो जीवन का हर हिस्सा एक दूसरे से जुड़ा हुआ है. इस तरह योग जीवन के हर हिस्से में है.
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