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Dhaba Identity Row: Gopal निकला Tajammul, SC के आदेश पर फिर बवाल!
पंडित जी वैष्णो ढाबा में काम करने वाले जिस व्यक्ति ने अपना नाम गोपाल बताया था, आधार कार्ड सामने आने के बाद उसका असली नाम तजम्मुल निकला है। तजम्मुल के अनुसार, ढाबे के मालिक ने उसे गोपाल नाम रखने को कहा था। इस मामले में तजम्मुल ने जांच करने वाली टीम पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। तजम्मुल ने बताया कि "वे आइडी मांग रहे थे... फिर मेरे को पांच लोग अंदर ले गए... मुझे बेहोश कर दिया उन्होंने।" इस घटना के बाद ढाबे से दो महिलाएं डरकर भाग गईं। हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ लोग ढाबे पर पहुंचे थे और उन्होंने काम करने वाले लोगों से आधार कार्ड मांगे थे। आधार कार्ड न दिखाने पर स्कैनर के माध्यम से उनकी पहचान की गई। हिंदू संगठनों का आरोप है कि कई ढाबे और दुकानें हिंदू नामों से चल रही हैं, लेकिन उनके संचालक मुस्लिम हैं, जिससे कावड़ियों की आस्था को ठेस पहुंचती है और उनका धर्म भ्रष्ट होता है। यशवीर महाराज ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोला हुआ है। इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट का पिछले साल 22 जुलाई का आदेश भी सामने आया है, जिसमें दुकानदारों को नाम लिखना जरूरी नहीं बताया गया था, बल्कि सिर्फ खाने के प्रकार की जानकारी देने को कहा गया था। इसके बावजूद योगी सरकार ने पिछले साल 25 जून को फिर से नेम प्लेट लगाने का आदेश जारी किया था। ओआईसी ने इन समूहों के ढाबों पर छापा मारने और पहचान जांचने के अधिकार पर सवाल उठाए हैं।
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