BIHAR News : जानिए NDA की इस सरकार में कौन-कौन बनेगा मंत्री, सामने आई लिस्ट | Political Crisis Bihar
प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि अगर जेडीयू पांच से ज्यादा सीटें जीतेगी, तो वह देश के सामने माफी मांगेंगे. साथ ही नीतीश कुमार को लगता है कि 'इंडिया' ब्लॉक में उनका भविष्य उज्ज्वल नहीं दिख रहा है. उन्होंने इंडिया ब्लॉक के गठन का नेतृत्व किया, लेकिन गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने में असफल रहे. चूंकि 'इंडिया' ब्लॉक के कई नेता नीतीश कुमार के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया. बेंगलुरु में दूसरी बैठक में यह बात साफ दिखी, जब नीतीश कुमार प्रेस ब्रीफिंग में शामिल हुए बिना ही पटना लौट आए. मुंबई में तीसरी बैठक में भी उन्हें नजरअंदाज किया गया.इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में सीपीआई की एक रैली में सीट बंटवारे में देरी और 'इंडिया' ब्लॉक के कामकाज पर ध्यान न देने के लिए सार्वजनिक रूप से कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराते हुए अपना गुस्सा दिखाया. उस समय कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के चुनावों में व्यस्त थी. तीन राज्यों में हार के बाद, नीतीश कुमार सीट बंटवारे के विषय पर कांग्रेस पर लगातार हमले कर रहे थे. साथ ही, नीतीश कुमार बिहार में आरजेडी और कांग्रेस पार्टी के साथ सहज नहीं थे. वह हमेशा सोचते हैं कि उनकी पार्टी का भविष्य महागठबंधन के बजाय एनडीए के भीतर अधिक उज्ज्वल है. नीतीश कुमार बीजेपी की मदद से लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान केंद्रीय मंत्री भी थे.

























