स्कैम कॉल आए तो सबसे पहले करें यह काम, वरना छिन जाएगी जिंदगीभर की कमाई
साइबर ठग एक ही तरह की कॉल कई लोगों को करते हैं. हर 10 में से 8 से 9 लोग सूझबूझ से बच जाते हैं, लेकिन एक व्यक्ति डर में आकर ठगी का शिकार हो जाता है ऐसे स्कैम कॉल को समय रहते रिपोर्ट करना बहुत जरूरी है.

भारत में डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधी अब पहले से कहीं ज्यादा शातिर हो गए हैं और नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इनमें सबसे खतरनाक तरीका स्कैम कॉल है, जो अक्सर विदेश से भी वीओआईपी के जरिए भारत के किसी भी नंबर पर की जाती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर आपके पास भी स्कैम कॉल आए तो सबसे पहले आपको कौन सा काम करना चाहिए वरना आपकी जिंदगी भर की कमाई छिन सकती है.
कैसे लोगों को निशाना बनाते हैं ठग?
साइबर ठग कॉल करने से पहले पीड़ित की कुछ बुनियादी जानकारी जुटा लेते हैं. वहीं बातचीत के दौरान वह समझने की कोशिश करते हैं कि व्यक्ति अकेला रहता है या नहीं, परिवार कहां है और उसकी मानसिक स्थिति कैसी है. इसके बाद खुद को कभी सरकार का प्रतिनिधि, कभी पुलिस अधिकारी और कभी कोर्ट का अधिकारी बता कर डराया जाता है. ठग कहीं बार वीडियो कॉल के जरिए फर्जी कोर्ट रूम तक दिखा देते हैं. वह कहते हैं कि पीड़ित का नंबर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में इस्तेमाल हो रहा है. फिर कोर्ट के आदेश का हवाला देकर आरबीआई या किसी सरकारी खाते में पैसा जमा करने को कहते हैं. साथ ही यह कहकर डराया जाता है कि अगर किसी को बताया तो नुकसान और बढ़ सकता है.
हर 10 में से एक व्यक्ति बनता है शिकार
साइबर ठग एक ही तरह की कॉल कई लोगों को करते हैं. वहीं हर 10 में से 8 से 9 लोग सूझबूझ से बच जाते हैं, लेकिन एक व्यक्ति डर में आकर ठगी का शिकार हो जाता है यही वजह है कि ऐसे स्कैम कॉल को समय रहते रिपोर्ट करना बहुत जरूरी है.
संचार साथी ऐप से कैसे बच सकती है ठगी?
अगर किसी संदिग्ध नंबर को तीन या उससे ज्यादा लोग संचार साथी ऐप पर रिपोर्ट करते हैं, तो वह नंबर अपने आप ब्लॉक हो जाता है. ज्यादा शिकायतें मिलने पर उस नंबर से जुड़े डिवाइस और आईएमआई तक ब्लॉक हो सकते हैं.
अगर लोग समय पर रिपोर्ट करें तो अगला संभावित शिकार अपने आप बच सकता है. वहीं आजकल फिशिंग स्कैम, फर्जी निवेश योजनाएं, सोशल मीडिया स्कैम और यूपीआई फ्रॉड सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं. ठग ईमेल, मैसेज, व्हाट्सएप या कॉल के जरिए सरकारी एजेंसी या किसी कंपनी का रूप धारण कर लोगों की पर्सनल डिटेल और पैसे निकलवा लेते हैं.
अगर स्कैम के शिकार हो जाएं तो क्या करें?
अगर किसी स्कैम में पैसे चले जाए तो सबसे पहले ठग से संपर्क पूरी तरह बंद कर दें. इसके बाद तुरंत अपने बैंक के पेमेंट ऐप को जानकारी दें और अकाउंट ब्लॉक कराएं, साथ ही सभी पासवर्ड बदलें और कार्ड को भी सुरक्षित रखें. वहीं ठगी की कंडीशन में सबसे पहले साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं. इसके बाद नजदीकी साइबर क्राइम सेल या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ती है.
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Source: IOCL


























