Train News: ट्रेन के AC कोच में सफर करने वाले ध्यान दें! चादर-कंबल घर ले गए तो हो सकती है कार्रवाई, जान लें नियम
Indian Railways: ट्रेन के AC कोच में यात्रा करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. अगर कोई यात्री एसी कोच में मिले चादर, तकिया, कंबल को अपने साथ ले जाता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

- यात्रा समाप्ति पर बेडरोल सीट पर छोड़ना सुनिश्चित करें हमेशा।
Indian Railways Rule: लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन सबसे किफायती साधनों में से एक गिना जाता है. क्योंकि इसमें आप अपने बजट के हिसाब से यात्रा कर सकते हैं. यानी अपनी सुविधा और बजट को देखते हुए हर व्यक्ति ट्रेन में सफर कर सकता है. अब अगर कोई यात्री एसी कोच में सफर करना चाहता है तो उसे टिकट के पैसे भी उसी कोच के हिसाब से देने होंगे. ऐसे में जाहिर सी बात है कि उसे उसी के मुताबिक सुविधाएं भी मिलेंगी.
एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की ओर से चादर, कंबल, तौलिया और तकिया जैसे बेडरोल सामग्री दी जाती है, जिसे यात्रा खत्म होने के बाद यात्रियों को रेलवे को वापस करना होता है, लेकिन कई यात्री इसे अपने साथ ही ले जाते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो जान लें, भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक ऐसा करना अपराध माना जाता है. इसके लिए आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है और साथ ही कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है.
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रेलवे के नियम जान लें
रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत ट्रेन में दिया गया सामान जैसे कंबल, चादर, तकिया भारतीय रेलवे की संपत्ति मानी जाती है और यह यात्रियों को सफर के दौरान उपयोग करने के लिए दी जाती है न की यात्रा पूरी होने के बाद इसे ले जाया जाता है.
लग सकता है जुर्माना
- रेलवे के मुताबिक, अगर कोई यात्री बेडरोल सामग्री को अपने साथ ले जाता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
- कोई पहली बार ऐसा करते पकड़ा जाता है तो उसको 1 साल तक की जेल हो सकती है.
- साथ ही 1 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
- अगर कोई दोबारा यह अपराध करता है तो उसे 5 साल तक की जेल हो सकती है.
- RPF यानी रेलवे सुरक्षा बल को अगर किसी यात्री पर शक होता है तो वह तलाशी ले सकते हैं.
- तलाशी के दौरान अगर सामान मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी.
अब चोरी करने वालों की खैर नहीं
- इस तरह की चोरी कम करने के लिए रेलवे ने कोच अटेंडेंट को निर्देश दिए हैं.
- अब ट्रेन के अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने से आधे घंटे पहले ही बेडरोल वापस लिया जाएगा.
- इसके साथ ही रेलवे अब अपनी बेडरोल सामग्री पर RFID चिप लगाने की तैयारी कर रहा है.
- इसके बाद अगर कोई यात्री बेडरोल को स्टेशन से बाहर ले जाने की कोशिश करेगा तो सेंसर अलर्ट जारी होगा.
ट्रेन से उतरने से पहले करें ये काम
- बेडरोल का इस्तेमाल करने के बाद उसे सीट पर ही छोड़ दें.
- अगर गलती से आप उसे बैग में रख लेते हैं तो तुंरत कोट अटेंडेंट को बुलाकर वापस कर दें.
- ट्रेन से उतरने से पहले अपना बैग एक बार जरूर चेक करें.
- रेलवे की कोई भी संपत्ति को गलती से भी अपने साथ न ले जाएं.

























