गर्मी बढ़ते ही खरीदने जा रहे हैं एसी, इन चीजों को कर लेना चेक नहीं तो हो जाएगा तगड़ा नुकसान
एसी खरीदते समय सबसे जरूरी बात उसकी कूलिंग क्षमता यानी टन होती है. अगर एसी का टन कमरे के आकार के हिसाब से कम होता है, तो कमरा ठीक से ठंडा नहीं होगा और मशीन लगातार चलती रहेगी.

देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है और उसके साथ ही बाजार में एयर कंडीशनर की मांग भी बढ़ रही है. गर्म मौसम से राहत पाने के लिए लोग बड़ी संख्या में नए एसी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन जल्दबाजी में एसी खरीदना कई बार महंगा सौदा साबित हो सकता है. गलत मॉडल खरीदने पर बिजली का बिल बढ़ सकता है. कमरे में सही तरह से कूलिंग नहीं मिलती और मेंटेनेंस का खर्च भी ज्यादा हो सकता है. ऐसे में नया एसी खरीदने से पहले कई जरूरी बातों को समझना बहुत जरूरी होता है. सही जानकारी के साथ लिया गया एसी लंबे समय तक बेहतर कूलिंग देता है और बिजली की खपत भी कम करता है. वहीं कई बड़ी कंपनियां आने वाले समय में ऐसी की कीमतों में बढ़ोतरी की भी तैयारी में है. इसलिए अगर आप एसी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो पहले आपको कुछ चीजों को चेक करने कर लेना चाहिए नहीं तो आपका तगड़ा नुकसान भी हो सकता है.
कमरे के हिसाब से चुने सही टन वाला एसी
एसी खरीदते समय सबसे जरूरी बात उसकी कूलिंग क्षमता यानी टन होती है. अगर एसी का टन कमरे के आकार के हिसाब से कम होता है, तो कमरा ठीक से ठंडा नहीं होगा और मशीन लगातार चलती रहेगी. इससे बिजली की खपत भी बढ़ेगी, वहीं जरूरत से ज्यादा टन वाला एसी लेने पर भी बिजली की खपत बढ़ सकती है और कूलिंग बराबर नहीं मिलती है. आम आमतौर पर 120 वर्ग फीट तक के कमरे के लिए 1 टन एसी सही माना जाता है. 120 से 180 वर्ग फीट के कमरे के लिए 1.5 टन और इससे बड़े कमरे के लिए 2 टन एसी सही माना जाता है.
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स्टार रेटिंग देख कर खरीदें एसी
एसी खरीदते समय उसकी स्टार रेटिंग जरूर देखनी चाहिए. यह रेटिंग बताती है कि एसी कितनी बिजली खर्च करेगा. ज्यादा रेटिंग वाले एसी शुरू में थोड़े महंगे हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय में बिजली का बिल कम करने में मदद कर सकते हैं. अगर एसी का इस्तेमाल रोज कई घंटे तक करना है तो चार या पांच स्टार रेटिंग वाला एसी लेना सही होता है, इससे बिजली की बचत होती है और खर्च भी कम आता है.
इन्वर्टर एसी ज्यादा फायदेमंद
आजकल बाजार में इन्वर्टर और नॉन इन्वर्टर दोनों तरह की एसी मिलते हैं. नॉन इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर बार-बार ऑन और ऑफ होता है, जिससे बिजली ज्यादा खर्च होती है. वहीं इन्वर्टर एसी कमरे के तापमान के हिसाब से कंप्रेसर की स्पीड को एडजस्ट करता है, इससे बिजली की खपत कम होती है, आवाज भी कम आती है और कूलिंग ज्यादा स्थिर रहती है. इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए इन्वर्टर एसी को सही माना जाता है.
विंडो एसी या स्प्लिट एसी जरूरत के हिसाब से चुनें
ऐसी खरीदते समय यह भी तय करना जरूरी है कि आपको विंडो एसी लेना है या स्प्लिट एसी. विंडो एसी आमतौर पर सस्ते होते हैं और इन्हें लगाना भी आसान होता है. छोटे कमरे या किराए की घरों के लिए यह अच्छा ऑप्शन हो सकता है. वहीं स्प्लिट एसी दिखने में बेहतर होते हैं और इनमें आवाज भी कम होती है हालांकि एसी लगाने के लिए सही जगह और प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन की जरूरत पड़ती है, जिससे शुरुआती खर्च थोड़ा बढ़ सकता है.
एसी की इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस का खर्च भी समझे
एसी खरीदते समय सिर्फ मशीन की कीमत ही नहीं, बल्कि इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के खर्च का भी ध्यान में रखना चाहिए. स्प्लिट एसी के साथ कॉपर पाइप, आउटडोर यूनिट, स्टैंड वायरिंग और इंस्टॉलेशन चार्जेज जैसे खर्च जुड़ जाते हैं. इसके अलावा समय पर सर्विसिंग भी जरूरी होती है. सही मेंटेनेंस से एसी की कूलिंग बेहतर रहती है और उसकी उम्र भी बढ़ जाती है.
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Source: IOCL



























