रिटायरमेंट के बाद हर महीने चाहिए रेगुलर इनकम, अपनाएं SWP
Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए SWP एक बेहतर विकल्प हो सकता है. आइए जानते हैं, म्यूचुअल फंड में एकमुश्त निवेश से हर महीने पैसे निकालने की यह सुविधा कैसे काम करती है.

Mutual Fund SWP: आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद उसके पास एक ऐसी इनकम हो, जिससे उसके रोजाना की खर्च आसानी से चल सकें और जमा की गई पूंजी भी महफूज हो. ऐसे में अगर आप भी यही चाहते हैं कि आपका जमा फंड कभी खत्म न हो तो म्यूचुअल फंड का SWP (Systematic Withdrawal Plan) आपके लिए बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है, जिसमें आप अपने बड़े निवेश से नियमित आय हासिल कर सकते हैं.
SWP के जरिए आप एकमुश्त रकम को म्यूचुअल फंड में जमा करके अपनी जरूरत के हिसाब से हर महीने एक राय रकम निकाल सकते हैं. हालांकि, इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती है क्योंकि म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन बाजार पर निर्भर करता है.
कैसे काम करता है SWP का फॉर्मूला?
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आपके पास 1 करोड़ की रकम हैं और वह इसे आप SWP के जरिए निवेश करते है, तो आप अपनी जरूरत के मुताबिक हर महीने एक निश्चित रकम निकाल सकते हैं. मान लीजिए अगर आप हर महीने 1 लाख रुपये निकालते है और निवेश पर औसतन 13% से 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में आप एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं.
- हर महीने निकासी: 1 लाख
- 10 साल में कुल निकासी: करीब 1.20 करोड़
SWP शुरू करने का तरीका
- सबसे पहले किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में एकमुश्त निवेश करें.
- इसके बाद निवेश ऑप्शनों में जा आकर SWP ऑप्शन चुनें.
- तय करें कि हर महीने या तिमाही आपको कितनी रकम निकालनी है.
- सेटअप पूरा होने के बाद SWP शुरू हो जाता है और तय रकम आपके बैंक खाते में आने लगती है.
क्या है SWP के फायदे?
- हर महीने या तिमाही तय रकम निकालने की सुविधा.
- बची हुई रकम निवेश में बनी रही है.
- रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम का जरिया बन सकता है.
- जरूरत के हिसाब से आप निकासी के रकम को बदल सकता हैं.
निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अपनी जरूरत के हिसाब से ही निकासी राशि तय करें.
- ज्यादा रकम निकालने से फंड जल्दी खत्म हो सकता है.
- बाजार में उतार-चढ़ाव का असर निवेश पर पड़ सकता है.
- निवेश से पहले फंड के जोखिम और टैक्स नियमों को समझना जरूरी है.
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