अब नहीं होगी झंझट! नया कार्ड आते ही अपने-आप अपडेट होंगे ऑटो पेमेंट, RBI का बड़ा फैसला
Card Rules Change: RBI के नए नियमों के तहत कार्ड बदलने पर भी ऑटो पेमेंट नहीं रुकेगा. अब EMI, SIP और सब्सक्रिप्शन अपने-आप नए कार्ड से जुड़ जाएंगे. जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी.

- डेबिट/क्रेडिट कार्ड बदलने पर ऑटो-पेमेंट जारी रहेंगे.
- OTT, बीमा, SIP, EMI अब स्वतः नए कार्ड से जुड़ेंगे.
- ग्राहकों को अब बार-बार कार्ड डिटेल अपडेट नहीं करनी होगी.
- यह बदलाव आर्थिक नुकसान से बचाने और सुविधा के लिए है.
RBI New Card Rules: जब भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड नया बनवाना पड़ता है तो, उसके बाद कई छोटी-बड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं. पुराने कार्ड से जुड़े ऑटो पेमेंट्स बंद हो जाते हैं. जिससे OTT सर्विस, बीमा की किश्त और SIP जैसी चीजें रुक जाती हैं.
इससे बचने के लिए हर जगह जाकर नई कार्ड डिटेल डालनी पड़ती है, जो काफी झंझट भरा काम बन जाता है. इस परेशानी से ग्राहकों को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने नए नियम लागू किए हैं. आइए जानते हैं, इस बारे में.
कार्ड बदलेगा लेकिन पेमेंट नहीं रुकेगा
रिजर्व बैंक की ओर से नए नियमों के तहत इस परेशानी को खत्म कर दिया गया है. अब बैंक और कार्ड कंपनियां पुराने कार्ड से जुड़े ऑटो पेमेंट्स को नए कार्ड से अपने-आप जोड़ सकेंगी. यानी अगर आप कार्ड चेंज भी करते हैं तो भी ई-मैंडेट वाले पेमेंट्स जैसे सब्सक्रिप्शन या बिल अपने आप चलते रहेंगे. आपको बार-बार डिटेल अपडेट करने की जरूरत नहीं होगी.
क्या है नए नियम?
- अब आपका कार्ड बदलने पर OTT, इंश्योरेंस, SIP, EMI जैसे सभी ऑटो पेमेंट अपने-आप नए कार्ड से जुड़ जाएंगे. साथ ही सबसे खास बात इसके लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज भी नहीं लिया जाएगा.
- हर ट्रांजैक्शन की जानकारी के साथ शिकायत करने का मौका भी ग्राहकों को दिया जाएगा. साथ ही बैंकों के लिए ग्राहकों की शिकायत के समाधान के लिए सिस्टम बनाना होगा. ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी न हो.
आखिर क्यों किया गया है बदलाव?
इस बदलाव के पीछे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान से बचाना भी एक वजह है. जैसे कि कार्ड एक्सपायरी या ब्लॉक हो जाता है, तो इससे जुड़े ऑटो पेमेट रूक जाते हैं. एसआईपी निवेश, लोन की किस्त मिश हो जाती हैं. जिसके कारण निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है.
बैंक अकाउंट में पैसे होने के बावजूद भी पेनॉल्टी के रूप में चार्ज भरना पड़ता है. इसी वजह से इस सिस्टम में बदलाव किया गया है.
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Source: IOCL


























