राशन कार्ड वाले ध्यान दें, सरकार ने चावल को लेकर लिया बड़ा फैसला, जानें PMGKAY योजना में क्या बदला
Ration Card: केंद्र सरकार ने PDS के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता सुधारने का फैसला लिया है. अब राशन में टूटे दाने कम होंगे, जिससे 80 करोड़ लाभार्थियों को बेहतर अनाज मिलेगा.

PM Garib Kalyan Anna Yojana: अगर आप भी सरकारी राशन योजना का लाभ उठाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों को मिलने वाली चावल की गुणवत्ता को पहली से बेहतर बनाने का फैसला किया है.
अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की जरिए चावल में टूटे हुए दानों की मात्रा पहले से कम होगी, जिससे लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज मिलेगा. केंद्र सरकार का यह फैसला प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) की तहत करीब 80 करोड़ लाभार्थियों को बेहतर राशन देने के उद्देश्य से लिया गया है.
चावल की गुणवत्ता में क्या हुआ बदलाव?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन में मिलने वाले चावल के गुणवत्ता में बदलाव की मंजूरी दे दी है. अब कच्चे चावल में टूटे दानों की सीमा 25% से घटाकर 10% कर दी गई है. वहीं, आधे उबला चावल में यह सीमा 16% से घटाकर सिर्फ 5% कर दी गई है. सरकार का कहना है कि करीब 30 साल बाद राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता के नियमों में इतना बड़ा बदलाव सुधार किया गया है.
Solar Panel: ज्यादा बिजली और कम बिल चाहिए? पहले जान लें कौन-सा सोलर पैनल रहेगा सबसे बेहतर
➡️ Government approves supply of improved-quality rice under #PMGKAY
— PIB India (@PIB_India) July 2, 2026
➡️ Over 80 crore beneficiaries to receive better-quality rice
➡️ Broken grain content reduced to 10% in raw rice and 5% in parboiled rice; phased rollout to begin from KMS 2027–28
➡️ Reform to enhance food…
राशन की मात्रा में नहीं होगा कोई बदलाव
सरकार ने साफ कहा कि पीएमजीकेएवाई के तहत इस फैसले से राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं होगा, बल्कि पात्र परिवारों को पहले की तरह ही तय मात्रा में मुफ्त अनाज मिलता रहेगा, लेकिन अब उसकी गुणवत्ता पहले से काफी बेहतर होगी.
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत हर पात्र व्यक्ति को हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज दिया जाता है. वहीं, अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता रहेगा. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक, इस फैसले का मकसद सिर्फ लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज देना है.
Delhi EV Policy 2026: RC मिलने के 30 दिनों के भीतर करें ये काम, नहीं तो डूब जाएगी ईवी की सब्सिडी

























