PPF vs EPF: पहली नौकरी करने वालों के लिए कौन-सा निवेश बेहतर? जानें 10,000 महीने का पूरा गणित
Investment Tips: प्राइवेट नौकरी शुरू करते ही पहली सैलरी से सोच-समझकर निवेश शुरू करना चाहिए. सही वित्तीय योजना और सुरक्षित निवेश से भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.

PPF Investment: आज के समय में अच्छी सैलरी होने के बावजूद कई प्राइवेट कर्मचारी कई साल बाद भी एक अच्छी सेविंग नहीं कर पाते हैं. अक्सर लोगों की नौकरी शुरू होने के बाद सैलरी तो बढ़ती है, लेकिन सही वित्तीय योजना नहीं होने की वजह से घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या बेटियों की भविष्य के लिए पैसे नहीं जुटा पाते हैं. ज्यादातर लोग बिना किसी जानकारी के नौकरी शुरू होने के तुरंत बाद निवेश करना शुरू कर देते हैं.
कुछ लोग म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार की तरह ज्यादा आकर्षित होते हैं, लेकिन हर किसी के लिए निवेश का ऑप्शन सही नहीं होता है. ऐसे में जरूरी है कि आप पहली सैलरी से ही निवेश करना शुरू कर दें. अगर आप शुरुआर से सुरक्षित और सोच-समझकर निवेश करते हैं, तो लंबे समय बाद एक अच्छा फंड तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि प्राइवेट नौकरी करने वालों को पहली सैलरी कहां निवेश करनी चाहिए.
पहली नौकरी के साथ PPF अकाउंट क्यों खोलें?
- अगर आप पहली नौकरी शुरू करते ही पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो यह आपके लिए भविष्य में एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है.
- PPF, EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) से अलग योजना है. EPF आपको नौकरी के साथ मिलेगा, जबकि PPF आपको खुद खोलना पड़ेगा.
- इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सुरक्षित निवेश के साथ-साथ आपको टैक्स लाभ और लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न भी देती है.
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10 हजार रुपये महीने जमा करने पर कितना मिलेगा?
- अगर आपकी उम्र 25 साल है और आप हर महीने 10,000 रुपये PPF में जमा करते हैं, तो एक साल में कुल निवेश 1.20 लाख रुपये होगा.
- 15 साल में आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये हो जाएगा.
- मौजूदा 7.1% सालाना ब्याज के हिसाब से आपको करीब 14,54,567 रुपये ब्याज मिलेगा.
- यानी 15 साल बाद आपके पास करीब 32,54,567 रुपये का फंड तैयार हो सकता है.
PPF की खास बातें
- PPF खाता किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जा सकता है.
- इसमें कम से कम 500 रूपये और एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रूपये तक जमा किए जा सकते हैं.
- 15 साल में अच्छी-खासी पूंजी तैयार हो सकती है.
- इसमें आप जरूरत के हिसाब से अपने खाते में जमा राशि के आधार पर लोन की सुविधा भी मिलती है.
- इसमें आपको हर महीने पैसे जमा करने की जरूरत नहीं है.
- सातवें वित्त वर्ष से नियमों के अलावा आप आंशिक निकासी भी कर सकते हैं.























