नेशनल हाईवे पर बदल गया ये नियम! ओवरलोड हुई आपकी गाड़ी तो वसूला जाएगा कई गुना टोल, जानें से पहले पढ़ें
National Highway Rules Updates: अब नेशनल हाईवे पर ओवरलोड गाड़ियों पर सख्ती बढ़ गई है. सरकार ने यह फैसला लोगों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लिया है. जानिए नए नियमों में क्या बदला है?

- FASTag न होने पर सामान्य टोल से 25% अतिरिक्त शुल्क।
Highway Rules Updates: कई बार आपने हाईवे पर ओवरलोड गाड़ियों को जरूर देखा होगा. यह न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि हाईवे पर चल रही बाकी गाड़ियों के लिए खतरा बढ़ा देते हैं, क्योंकि कोई हादसा हुआ तो उसके साथ कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. इन्हीं सब चीजों को देखते हुए अब सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, ताकि सड़कों पर सुरक्षा बनी रहे और कोई दुर्घटना न हो पाएं.
अब नेशनल हाईवे पर ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने नए नियम लागू किए हैं. ये नए नियम 15 अप्रैल यानी आज से लागू हो गए हैं. अब गाड़ियों को तय लोड सीमा के तहत चलाना होगा और जो नियमों का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा.
जानिए कितना लगेगा जुर्माना?
नए नियमों के मुताबिक, अब ओवरलोडिंग के प्रतिशत के आधार पर चार्ज लिया जाएगा जैसे...
- 10 प्रतिशत तक ओवरलोड - कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं.
- 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत ओवरलोड - टोल का दोगुना चार्ज.
- 40 प्रतिशत से ज्यादा ओवरलोड - टोल का चार गुना चार्ज.
कैसे वसूला जाएगा चार्ज?
बता दें कि ओवरलोडिंग का चार्ज अब सिर्फ FASTag के जरिए ही लिया जाएगा. साथ ही ओवरलोड गाड़ियों की जानकारी वाहव पोर्टल (नेशनस व्हीकल रजिस्टर) में दर्ज की जाएगी.
FASTag नहीं होने पर क्या होगा?
सबसे जरूरी बात कि अगर गाड़ी में FASTag नहीं है या फिर वह एक्टिव नहीं है तो इसके लिए ड्राइवर को सामान्य टोल के आलावा 25 प्रतिशत चार्ज देना होगा.
ओवरलोड कैसे चेक होगा?
ओवरलोडिंग का पता टोल प्लाजा पर लगे प्रमाणित वजन मापने वाले से लगाया जाएगा, लेकिन किसी टोल प्लाजा पर वजन मापने की सुविधा नहीं है तो वहां ओवरलोडिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा. सरकार ने यह फैसला लोगों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लिया है.



















