LPG डिलीवरी स्कैम: सिलेंडर मिला नहीं और मोबाइल पर आ गया 'डिलीवर्ड' का मैसेज? जानें पूरा खेल
Cylinder Delivery Issue: LPG सिलेंडर डिलीवरी सिस्टम को लेकर नया मामला सामने आया है. फर्जी SMS और बुकिंग समस्या से ग्राहक परेशान हैं. आइए जानते हैं कि पूरा मामला है क्या.

- देशभर में ऐसे हजारों उपभोक्ता LPG रिफिल को लेकर परेशान हैं.
LPG Booking Problem: देश में एलपीजी संकट के बीच गैस सिलेंडर से जुड़े नए-नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला साउथ दिल्ली में देखने को मिला है, जहां एक ही घर की दो मंजिलों पर रहने वाले लोगों को LPG सिलेंडर डिलीवरी को लेकर बिल्कुल ही अलग अनुभव मिला.
इंडिया टूडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार, 7 अप्रैल को LPG रिफिल का ऑर्डर किया गया. जो अगले ही दिन दोपहर 12:30 बजे तक डिलीवर हो गया. बुकिंग और डिलीवरी में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. वहीं दूसरी तरफ इसी घर की ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली 72 वर्षीय महिला को परेशानी का सामना करना पड़ा.
क्या है नया मामला?
महिला ने 12 मार्च को रिफिल बुक किया था, जो 14 मार्च को डिलीवर भी हो गया था. लेकिन 23 मार्च को उन्हें एक SMS मिला जिसमें बताया गया कि उनका सिलेंडर फिर से डिलीवर कर दिया गया है. हालांकि, उन्होंने कोई नई बुकिंग नहीं की थी. इस वजह से उनकी अगली बुकिंग सिस्टम पर ब्लॉक हो गई.
बुकिंग सिस्टम की दिक्कत से हुई परेशानी
14 मार्च के बाद 25 दिन पूरे हो जाने के बावजूद 72 वर्षीय महिला अब भी LPG रिफिल बुक नहीं कर पा रही हैं. गैस बुकिंग सिस्टम उनकी बुकिंग को लगातार कैंसिल कर दे रहा है. ऐसे में उनके पास इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा है. वे फिलहाल घर में सिर्फ एक ही सिलेंडर की मदद से ही अपना काम चल रही हैं.
क्या कहते है नियम?
नए नियमों के मुताबिक, एलपीजी रिफिल बुक करने के लिए पिछली डिलीवरी के बाद 25 दिनों का अंतर रखना जरूरी है. इस वजह से इस पूरे मामले में महिला को परेशानी का सामना करना पड़ा. दिल्ली का यह मामला इकलौता नहीं है. देश के कई राज्यों में हजारों ग्राहक इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें ऐसे SMS मिल रहे हैं, जिनमें LPG सिलेंडर की डिलीवरी दिखाई जा रही है, जबकि हकीकत में उन्हें रिफिल मिला ही नहीं है.
देश में LPG का अवैध नेटवर्क
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों को देखते हुए LPG अवैध नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है. जो कई मामलों में कानूनी सप्लाई सिस्टम को चुनौती देता है. अवैध तरीके से मिले सिलेंडरों का इस्तेमाल होटल, छोटे ढाबों और रेस्टोरेंट्स में होता है.
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Source: IOCL

























