8 बजते ही IRCTC का सर्वर धड़ाम, छठ दिवाली के लिए टिकट को तरसे लोग
दिवाली और छठ से पहले टिकट बुकिंग के दौरान IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर तकनीकी परेशानी सामने आई. ऐसे में यात्रियों ने X पर स्क्रीनशॉट शेयर कर रेल मंत्री, PM और IRCTC से सवाल पूछे.

दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे रेल यात्रियों की परेशानी अब सोशल मीडिया पर भी दिखाई दे रही है. टिकट बुकिंग शुरू होते ही कई यात्रियों ने IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर ‘We are experiencing High Load, Please retry’ का मैसेज आने की शिकायत की.
लोगों ने X पर अपनी स्क्रीन के वीडियो और स्क्रीनशॉट शेयर किए और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और IRCTC को टैग कर सवाल पूछा कि जब यात्री टिकट के पूरे पैसे देते हैं तो उन्हें समय पर टिकट क्यों नहीं मिल पाता?
बुकिंग खुली और वेबसाइट पर आया ‘High Load’
दिवाली वाले हफ्ते यानी 5, 6 और 7 नवंबर की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग 7 सितंबर से शुरू हुई. बुकिंग खुलते ही कई यात्रियों ने वेबसाइट धीमी होने और बार-बार एरर आने की शिकायत की.
सूरत के एक यूजर ने 7 सितंबर को X पर दो वीडियो शेयर किए. उन्होंने सवाल किया- “क्या Normal user IRCTC को पैसा नहीं देता?” यूजर के मुताबिक सुबह करीब 8:20 बजे भी वेबसाइट पर हाई लोड का मैसेज आ रहा था. उनके शेयर किए वीडियो में लगातार एरर पॉप-अप दिखाई दे रहे थे. उन्होंने 6 नवंबर को उधना जंक्शन से बिहार जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस (19045) का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जिसमें स्लीपर क्लास में वेटिंग 93 तक पहुंच चुकी थी.
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‘यात्री कोई एहसान नहीं मांग रहे’
झारखंड के रेल यात्रियों से जुड़े एक X अकाउंट ने भी इस परेशानी को लेकर पोस्ट किया. इसमें दावा किया गया कि सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट पर हाई लोड का एरर आने लगता है, सर्वर धीमा हो जाता है और कई बार पेमेंट भी फेल हो जाता है.
पोस्ट में सवाल उठाया गया कि रेलवे को पहले से पता होता है कि त्योहारों के समय बुकिंग पर भारी दबाव आएगा तो सिस्टम को उसी हिसाब से मजबूत क्यों नहीं किया जाता?
यात्रियों का कहना है कि वे रेलवे से कोई मुफ्त सुविधा नहीं मांग रहे हैं. वे टिकट के लिए पैसे देते हैं, इसलिए कन्फर्म टिकट सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि किसका इंटरनेट या सिस्टम पहले काम कर गया.
यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायतें क्या हैं?
सोशल मीडिया पर सामने आ रही शिकायतों में मुख्य तौर पर चार बातें कही जा रही हैं -
- सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट पर High Load का एरर आना.
- सिस्टम चलने तक सीटों का वेटिंग में चले जाना.
- पेमेंट के दौरान पैसा कट जाना लेकिन टिकट बुक न होना.
- सीटें भरने के बाद वेबसाइट का सामान्य तरीके से चलने लगना.
कुछ यात्रियों ने नई बीटा वेबसाइट और RailOne ऐप पर भी इसी तरह की परेशानी होने का दावा किया है.
‘आम यात्री को टिकट नहीं मिलता - दलाल कैसे दिला देते हैं?’
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात को लेकर दिख रहा है कि आम यात्रियों को टिकट बुक करने में परेशानी होती है जबकि कुछ लोग दलालों के जरिए टिकट मिलने का दावा करते हैं.
कुछ यात्रियों ने सवाल उठाया कि अगर सिस्टम इतना व्यस्त रहता है तो दलालों के पास टिकट कैसे पहुंच जाते हैं. हालांकि दलालों और इन शिकायतों के बीच सीधे संबंध की अभी किसी जांच से पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इस दावे को तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता.
कांग्रेस ने भी रेलवे पर साधा निशाना
यात्रियों की शिकायतों के बीच कांग्रेस ने 9 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधा. पार्टी ने रेल मंत्री की सोशल मीडिया गतिविधियों पर तंज कसते हुए कहा कि वह सिर्फ रील बना सकते हैं. कांग्रेस की यह पोस्ट भी टिकट बुकिंग की परेशानी को लेकर चल रही बहस के बीच आई.
नई वेबसाइट के बावजूद क्यों आ रही परेशानी?
IRCTC की वेबसाइट को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि हाल ही में इसका नया वर्जन लॉन्च किया गया था. 15 जुलाई को नई बीटा वेबसाइट शुरू की गई थी. इसमें कैप्चा और पॉप-अप कम करने के साथ टिकट बुकिंग के स्टेप भी घटाए गए थे.
हालांकि रेलवे ने यह भी बताया था कि नया रिजर्वेशन इंजन बाद में जोड़ा जाएगा यानी वेबसाइट का इंटरफेस बदला गया था लेकिन टिकट बुकिंग के पीछे काम करने वाला पूरा सिस्टम अभी नए इंजन पर शिफ्ट नहीं हुआ था.
मौजूदा सिस्टम की क्षमता करीब 32 हजार टिकट प्रति मिनट तक बताई गई है जबकि नया सिस्टम 1.5 लाख से ज्यादा टिकट प्रति मिनट संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है.
सिर्फ सर्वर की समस्या नहीं सीटों की कमी भी बड़ी वजह ?
त्योहारों के दौरान टिकट न मिलने की पूरी वजह सिर्फ वेबसाइट या सर्वर को मानना भी सही नहीं होगा. दिवाली और छठ के दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और दूसरे राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी मांग रहती है. बुकिंग खुलते ही बड़ी संख्या में यात्री एक साथ टिकट लेने की कोशिश करते हैं.
ऐसे में सिस्टम ठीक काम करने के बावजूद हर यात्री को कन्फर्म सीट मिलना संभव नहीं है. स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें सीमित होती हैं और उनका संचालन तय तारीखों पर होता है.
रेलवे पहले क्या कह चुका है?
रेलवे पहले कह चुका है कि IRCTC का ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम ज्यादातर समय सामान्य तरीके से काम करता है. अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच सिस्टम का अपटाइम 99.98 फीसदी बताया गया था. रेलवे टिकटों की कमी के पीछे बॉट, फर्जी अकाउंट और दलालों की भूमिका की बात भी कहता रहा है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिसंबर 2025 में लोकसभा में बताया था कि जनवरी 2025 से करीब 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी बंद की गईं. बुकिंग में बॉट और फर्जी अकाउंट पर रोक लगाने के लिए बुकिंग खुलने के दिन ऑनलाइन टिकट के लिए आधार-वेरिफाइड अकाउंट की व्यवस्था भी लागू की गई है. एजेंटों को भी शुरुआती 10 मिनट में बुकिंग करने की अनुमति नहीं होती.
हालांकि इस हफ्ते टिकट बुकिंग को लेकर सामने आई शिकायतों पर खबर लिखे जाने तक IRCTC या रेल मंत्रालय की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया था.
छठ के टिकट की असली परीक्षा अभी बाकी
इस साल छठ पूजा 13 से 16 नवंबर के बीच होगी. 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य होगा. छठ से पहले 12 और 13 नवंबर को घर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है. इन तारीखों की बुकिंग करीब 13-14 सितंबर के आसपास खुलने की संभावना है.
अगर उस समय भी वेबसाइट पर हाई लोड, पेमेंट फेल और टिकट के तेजी से वेटिंग में जाने जैसी शिकायतें आती हैं, तो रेलवे की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पर सवाल और तेज हो सकते हैं.
टिकट बुक करने वालों के लिए जरूरी टिप्स
- अगर आप दिवाली या छठ पर ट्रेन से घर जाने वाले हैं तो कुछ तैयारी पहले से कर लें-
- IRCTC अकाउंट को पहले ही आधार से वेरिफाई कर लें.
- यात्रियों की जानकारी मास्टर लिस्ट में पहले से सेव रखें.
- बुकिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले लॉगिन कर लें.
- वेटिंग टिकट होने पर VIKALP विकल्प चुनें.
- रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की जानकारी देखते रहें.
- ऑनलाइन टिकट न मिलने पर रिजर्वेशन काउंटर से भी कोशिश करें.
- पेमेंट के बाद पैसा कट जाए लेकिन टिकट न बने तो आमतौर पर रकम वापस आ जाती है. रिफंड न मिलने पर IRCTC में शिकायत दर्ज करें.
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