ईरान वॉर के बीच करें सेफ निवेश, ₹50000 से ₹2 लाख तक करें इंवेस्ट, ये हैं स्मार्ट टिप्स
Investment Strategy: ईरान-अमेरिका-इज़राइल तनाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, लेकिन इस बीच घबराकर इन्वेस्टमेंट रोकना सही नहीं है, बल्कि समझदारी के साथ इन्वेस्टमेंट जारी रखना चाहिए. जानिए कैसे?

- सोना, मल्टी-एसेट में निवेश से जोखिम करें कम।
US-Iran War: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाज़ारों पर भी साफ दिखाई पड़ने लगा है. तेल की कीमतें बढ़ रही हैं तो वहीं मुद्राओं में उतार-चढ़ाव है और शेयर बाजार भी अस्थिर हो गए हैं. ऐसे में इन्वेस्टर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इस टाइम इन्वेस्टमेंट को रोक देना चाहिए या फिर इसे जारी रखना चाहिए.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोजाना की खबरों के आधार पर फैसले लेने के बजाय इन्वेस्टर्स को अनुशासन और लंबी अवधि की रणनीति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, इसलिए घबराकर या फिर जल्दबाजी में इन्वेस्ट बंद करना सही फैसला नहीं माना जाता है.
SIP बंद करना सही है या नहीं?
हाल ही में SIP बंद करने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह साफ होता है कि इन्वेस्टर्स अब ज्यादा सर्तक हो गए हैं, लेकिन इन सबके बावजूद भी इक्विटी म्यूचुअल फंड और ETF में इन्वेस्ट जारी है. इसको देखकर यह साफ हो रहा है कि कुछ लोग पीछे हट रहे हैं तो वहीं कई इन्वेस्टर्स इस गिरावट को अवसर मान रहे हैं.
एक साथ पैसा लगाने से बचें
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इस तरह के अस्थिर माहौल में आपको एक बार में पूरी रकम इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए. ऐसे में बेहतर यह होगा कि आप इन्वेस्टमेंट को 4-6 महीनों में धीरे-धीरे करें. इसमें जोखिम कम होता है और बाजार की गिरावट का फायदा भी मिल सकता है.
इक्विटी, म्यूचुअल फंड या ETF क्या चुनें?
मौजूदा समय को देखते हुए कोई एक ऑप्शन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है. अगर आप बाजार को समझते हैं और समय भी दे सकते हैं तो इक्विटी सही है. वहीं अगर म्यूचुअल फंड और ETF के बारे में बात करें तो यह उन लोगों के लिए एक बेहतर ऑप्शन है जो कम जोखिम के साथ इन्वेस्ट करना चाहते हैं और लगातार बाजार पर नजर नहीं रख सकते हैं.
लंबी अवधि में SIP के फायदे
एक्सपर्ट्स का कहना है कि SIP लंबे समय में पैसा बनाने का सबसे आसान तरीका है. उदाहरण के तौर पर समझे, अगर कोई व्यक्ति 15 साल तक हर महीने 20 हजार रुपये इन्वेस्ट करता है और औसतन 13 प्रतिशत तक रिर्टन मिलता है तो वह 1 करोड रुपये से ज्यादा का फंड बना सकता है.
सिर्फ इक्विटी ही नहीं, इन्वेस्टमेंट को फैलाएं
इन्वेस्टमेंट सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं होना चाहिए. सोना, मल्टी-एसेट फंड और कैश जैसे ऑपशन में भी पैसा लगाना जरूरी है. इससे जोखिम कम होता है और पोर्टफोलियो संतुलित रहता है.
ध्यान दें कुछ जरूरी बात
सबसे जरूरी बात है कि बाजार में अस्थिरता हमेशा रहेगी, खासकर ऐसे वैश्विक तनाव के समय, लेकिन घबराकर फैसले लेने के बजाय समझदारी और अनुशासन के साथ इन्वेस्ट करना ही सही तरीका है. SIP जारी रखें, धीरे-धीरे इन्वेस्ट करें और अपने पैसे को अलग-अलग जगहों पर बांटकर रखें. यही लंबे समय में बेहतर रिटर्न पाने का सबसे सही रास्ता है.
Source: IOCL

























