Health Insurance: बीमारी के खर्चों की नो टेंशन, मौजूदा इंश्योरेंस के साथ कैसे काम करती है NPS स्वास्थ्य योजना?
NPS Swasthya: लोगों की जरूरतों और हेल्थ को देखते हुए सरकार ने NPS स्वास्थ्य नाम से एक नई योजना शुरू की है. जिसके तहत मेडिकल खर्चों के हटकर आर्थिक सुरक्षा देना भी है.

NPS Swasthya: भारत में जैसे- जैसे महंगाई बढ़ रही है, वैसे- वैसे इलाज का खर्च भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है. हेल्थ इंश्योरेंस होने के बावजूद लोगों को डॉक्टर की फीस, दवाइयां, टेस्ट और लंबे इलाज के लिए अपनी बचत से पैसा खर्च करना पड़ता है. इसी को देखते हुए पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS स्वास्थ्य नाम की नई योजना शुरू की है. इसका मकसद हेल्थ इंश्योरेंस को बदलना नहीं, बल्कि मेडिकल खर्चों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा देना है.
NPS Swasthya क्या है?
ये नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत शुरू की गई एक खास योजना है, जो मेडिकल खर्चों के लिए बनाई गई है. इसमें OPD (डॉक्टर विजिट, दवाइयां, टेस्ट) और अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के लिए पैसा इस्तेमाल किया जा सकता है. ये सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस की तरह कैशलेस इलाज नहीं देता, बल्कि मेडिकल जरूरतों के लिए एक अलग बचत फंड की तरह काम करता है.
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कौन ले सकता है इसका फायदा?
इस योजना का फायदा 40 साल से ज्यादा उम्र के लोग उठा सकते हैं. वो अपने NPS खाते से खुद और नियोक्ता के योगदान का 30% तक पैसा NPS स्वास्थ्य खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं.
पैसे निकालने के नियम
इसमें मेडिकल खर्च के लिए कई बार पैसे निकाले जा सकते हैं. अपनी जमा राशि का 25% तक निकाला जा सकता है. पहली बार पैसा तभी निकलेगा, जब खाते में कम से कम 50,000 रुपये जमा हो जाएं. गंभीर बीमारी में, अगर इलाज का खर्च खाते की राशि के 70% से ज्यादा हो, तो पूरा पैसा निकाला जा सकता है. इस योजने के तहत अस्पताल या TPA को सीधे भुगतान किया जाएगा, जिससे इमरजेंसी में जल्दी मदद मिल सके.
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Source: IOCL

























