अब घर बैठे बुक करो पार्सल, सीधे घर पहुंचाएगा रेलवे, समझ लें सभी नियम
रेलवे जल्द घर बैठे पार्सल बुकिंग और डिलीवरी की सुविधा शुरू करेगा. शुरुआती चरण में दिल्ली समेत आठ शहर जुड़ेंगे. ट्रेन रवाना होने से 15 दिन पहले बुकिंग होगी. रद्द करने पर 10 रुपये शुल्क कटेगा.

भारतीय रेलवे अब पार्सल भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रहा है. इस नई पहल के तहत लोगों को सामान भेजने के लिए रेलवे स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. घर से पार्सल उठाने और उसे तय पते तक पहुंचाने की सुविधा शुरू करने की योजना है. इससे आम ग्राहकों के साथ छोटे कारोबारियों और ऑनलाइन विक्रेताओं को भी फायदा मिल सकता है.
इस योजना को शुरुआती चरण में देश के आठ प्रमुख शहरों में लागू करने की तैयारी है. इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे शामिल हैं. योजना के सफल होने और जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद इसका विस्तार दूसरे शहरों तक किया जा सकता है.
रेलवे की इस पहल से छोटे व्यापारियों और ऑनलाइन कारोबार करने वालों को भी अपना सामान ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है. ग्राहक ऐप के माध्यम से बुकिंग करने के साथ ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे.
घर बैठे होगी पार्सल की बुकिंग
इस व्यवस्था के तहत ग्राहक मोबाइल ऐप की मदद से पार्सल बुक कर सकेंगे. बुकिंग होने के बाद ग्राहक के घर से सामान उठाया जाएगा और रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद रेलवे के जरिए पार्सल को संबंधित शहर तक भेजा जाएगा. वहां से लॉजिस्टिक्स कंपनी सामान को उसके अंतिम पते पर पहुंचाने का काम करेगी.
इस सुविधा का उद्देश्य पार्सल भेजने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है. खासकर उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें सामान भेजने के लिए खुद रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है.
बुकिंग रद्द करने पर कितना पैसा कटेगा?
अगर कोई ग्राहक पार्सल भेजने का इरादा बदल देता है और बुकिंग रद्द करना चाहता है, तो उसे पूरा भुगतान वापस मिल सकता है. हालांकि, इसके लिए 10 रुपये का शुल्क काटा जाएगा।. वहीं, घर से सामान उठाने और गंतव्य तक पहुंचाने की सेवाओं के शुल्क का रिफंड संबंधित लॉजिस्टिक्स कंपनी के नियमों के अनुसार तय होगा.
रेलवे और लॉजिस्टिक्स कंपनियां मिलकर करेंगी काम
इस पूरी व्यवस्था में रेलवे के साथ लॉजिस्टिक्स कंपनियों की भी अहम भूमिका होगी. रेलवे पार्सल को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाएगा, जबकि संबंधित कंपनियां घर से सामान लेने और अंतिम पते तक डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेंगी.
अगर यह सुविधा प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो पार्सल भेजना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो सकता है. इससे ग्राहकों का समय बचेगा और छोटे कारोबारियों को अपने उत्पाद दूर-दराज के ग्राहकों तक पहुंचाने का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा.
ट्रेन रवाना होने से 15 दिन पहले शुरू होगी बुकिंग
इस व्यवस्था में पार्सल की बुकिंग ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 15 दिन पहले शुरू हो सकेगी. यानी ग्राहकों को आखिरी समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी और वे पहले से ही अपने सामान की डिलीवरी की योजना बना सकेंगे.
रेलवे के नियमों के तहत बाइक, कार, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और कारोबार से जुड़ा सामान भी पार्सल के रूप में भेजा जा सकता है. हालांकि, सामान की बुकिंग से पहले संबंधित नियमों और शर्तों की जानकारी लेना जरूरी होगा.
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