मुंबई लोकल में पावर बैंक से लगी आग, क्या ट्रेन में इसे ले जाने पर है पाबंदी?
मुंबई लोकल में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल उठे हैं. रेलवे में पावर बैंक ले जाने पर सामान्य प्रतिबंध नहीं है, लेकिन खराब बैटरी खतरनाक हो सकती है.

अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक अपने साथ बैग में रखते हैं, तो खबर आपके काम की है. हाल ही में मुंबई लोकल ट्रेन में एक यात्री के बैग में रखे पावर बैंक में आग लगने से कोच में धुआं फैल गया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. लेकिन गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारतीय रेलवे में पावर बैंक ले जाने पर पाबंदी (Ban) है और सफर के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
दरअसल, पावर बैंक को ट्रेन में ले जाने पर सामान्य तौर पर पूरी तरह पाबंदी नहीं है, लेकिन इसकी सुरक्षा का ध्यान रखना यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है. खराब या क्षतिग्रस्त बैटरी वाले पावर बैंक में आग लगने का खतरा हो सकता है.
मुंबई लोकल में कैसे लगी आग?
जानकारी के मुताबिक, दादर से बदलापुर जाने वाली सेंट्रल रेलवे की लोकल ट्रेन में शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे यह घटना हुई. ट्रेन घाटकोपर स्टेशन की ओर जा रही थी, तभी अचानक एक महिला यात्री के बैग में रखे पावर बैंक में आग लग गई. बैग से धुआं निकलने के बाद डिब्बे में मौजूद यात्रियों ने तुरंत अलार्म चेन खींच दी.
इसके बाद यात्रियों ने जलते हुए बैग को डिब्बे से बाहर हटाया और पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की. हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन महिला यात्री का सामान जलकर खराब हो गया.
क्या ट्रेन में पावर बैंक ले जाने पर है पाबंदी?
भारतीय रेलवे में सामान्य तौर पावर बैंक ले जाने पर कोई पाबंदी नहीं है. यात्री सफर के दौरान अपने साथ मोबाइल, लैपटॉप और पावर बैंक जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान रख सकते हैं. लेकिन पावर बैंक का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि वह जरूरत से ज्यादा गर्म न हो और उसकी बैटरी फूलने या खराब होने के संकेत न दिखें. इसके अलावा, पावर बैंक को बैग में ऐसी जगह न रखें, जहां उस पर भारी सामान का दबाव पड़े या वह लगातार गर्मी के संपर्क में रहे.
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