Train News: 17 घंटे लेट हुई ट्रेन, पूजा-अर्चना नहीं कर पाई महिला, अब IRCTC देगा 30000 का जुर्माना
Indain Railways: IRCTC के टूर पैकेज के जरिए यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. केरल के एक जिला उपभोक्ता आयोग ने IRCTC को एक महिला को 30 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.

Indain Railways IRCTC Tour Package: भारत में कुछ ऐसी प्रसिद्ध धार्मिक जगहें हैं, जहां पर हर व्यक्ति जीवन में एक बार तो जाना चाहता ही है. ऐसे में हर साल समय-समय पर IRCTC धार्मिक यात्रा का टूर पैकेज लॉन्च करता है, जिसके तहत यात्री धार्मिक तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकते हैं. अब अगर कोई यात्री अपने पैसे खर्च करके IRCTC का टूर पैकेज बुक करेगा तो जाहिर सी बात है कि उसे उसी हिसाब से सुविधाएं भी मिलनी चाहिए.
अगर आप भी ऐसी किसी यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके बेहद काम की है. केरल के एक जिला उपभोक्ता आयोग ने IRCTC को एक महिला को 30 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. ऐसे में कई लोगों के मन में एक सवाल आ सकता है कि आखिर मुआवजा किस बात पर दिया गया.
जानिए पूरा मामला क्या है?
दरअसल, एक महिला ने प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने के लिए IRCTC के टूर पैकेज के तहत दो टिकट बुक किए थे. इस पैकेज में अयोध्या, प्रयागराज, काशी और पुरी की यात्रा शामिल थी. शिकायत के मुताबिक, इस यात्रा की शुरुआत कोचुवेली रेलवे स्टेशन से होनी थी, लेकिन यात्रा यहां से शुरू न होकर बोर्डिंग स्टेशन को बदलकर एर्नाकुलम कर दिया, जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा जैसे...
- बोर्डिंग प्वाइंट बदलने के कारण यात्रियों को खुद के पैसे खर्च करके स्टेशन पहुंचना पड़ा.
- इतना ही नहीं, ट्रेन भी 17 घंटे लेट रवाना हुई.
- अगर धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कराएं गए तो वहां रुकने का समय नहीं दिया गया.
- साथ ही देर होने की वजह से यात्री कई धार्मिक स्थलों के दर्शन नहीं कर सकें.
- इस पर महिला का आरोप है कि परिवार जरूरी पूजा-अर्चना भी नहीं कर सका.
- इसके साथ यात्रा के दौरान न तो खाना अच्छा मिला.
- साथ ही होटल की व्यवस्था भी कुछ खास नहीं थी.
मामले पर IRCTC ने क्या कहा?
इस मामले पर IRCTC ने आयोग को बताया कि बोर्डिंग स्टेशन को जरूरी कारणों की वजह से बदला गया था. इसकी जानकारी भी यात्रियों को दी गई थी. इसके साथ ही स्टेशन आने-जाने का खर्च भी देने को भी कहा गया था. वहीं ट्रेन की देरी के बारे में भी IRCTC ने बताया कि चक्रवात के कारण लगी रोक के कारण देरी हुई थी.
आयोग ने IRCTC को लगाई फटकार
उपभोक्ता आयोग का कहना था कि यात्रा के दौरान यात्रियों को परेशानी हुई है और इसे सिर्फ संचालन का कारण बताकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता है. जिसके बाद आयोग ने IRCTC को महिला को मानसिक पीड़ा के लिए 30 हजार रुपये का मुआवजा देना का आदेश दिया. साथ ही 3 हजार रुपये कानूनी कार्रवाई के लिए भी देने को कहा.
कुछ जरूरी बातों की रखें जानकारी
अगर आप भी धार्मिक टूर पर जाते हैं और आपको बताई गई सुविधा के हिसाब से चीजें न मिले तो इस मामले में आप कुछ जरूरी कदम उठा सकते हैं जैसे...
- सबसे पहले आप IRCTC के पास अपनी लिखित शिकायत दें.
- इसके साथ ही आप टूर ऑपरेटर के पास भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
- ध्यान रखें, शिकायत करने से पहले आप ये जांच लें कि आपके पास टिकट, रसीद और यात्रा से जुड़े दस्तावेज हो.
- अगर आपकी लिखित शिकायत के बाद भी कोई समाधान न मिले तो आप उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकते हैं.
























