'लड़ाई अभी जारी है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद किस बात पर अड़ी कांग्रेस? बताई दो मांगें
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने दो नई मांगें रखी हैं. पार्टी ने छात्रों पर हमले के आरोपियों पर कार्रवाई और पीएम मोदी से माफी की मांग की है.

नीट पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव और देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. इस मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से लंबे समय तक प्रदर्शन किया गया. आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 25 दिनों तक अनशन भी किया था. इसके अलावा हजारों छात्र-छात्राओं ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.
इस पूरे मामले में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे थे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव का भी प्रयास किया था. विपक्ष का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामले में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है.धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी कांग्रेस इस मुद्दे को खत्म मानने के लिए तैयार नहीं दिख रही है. पार्टी का कहना है कि सिर्फ इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है. कांग्रेस ने इस मामले में दो और मांगें सामने रखी हैं.
लड़ाई अभी जारी है ✊ pic.twitter.com/Z5TCTiyKPb
— Congress (@INCIndia) July 26, 2026
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कांग्रेस की दो मांग क्या है?
कांग्रेस की पहली मांग है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कथित हमला करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. पार्टी का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. पार्टी की दूसरी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले को लेकर देश के छात्रों और उनके परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें. कांग्रेस का आरोप है कि एग्जाम सिस्टम में हुई गड़बड़ियों और उससे पैदा हुई परिस्थितियों ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है, इसलिए सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की इन नई मांगों पर क्या रुख अपनाती है.
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