फ्लाइट कैंसिल के बाद गोवा में फंसा परिवार, अब कोर्ट से मिला भारी मुआवजा
पंजाब उपभोक्ता आयोग ने फ्लाइट रद्द होने के मामले में एयरलाइन को यात्री को 50 हजार मुआवजा और 14 हजार होटल खर्च लौटाने का आदेश दिया. आयोग ने यात्रियों को सहायता देना एयरलाइन की जिम्मेदारी बताई.

अगर आप भी अक्सर फ्लाइट से सफर करते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है. पंजाब के एक उपभोक्ता आयोग ने पंजाब के एक उपभोक्ता आयोग ने फ्लाइट रद्द होने के मामले में एयरलाइन को यात्री को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि आयोग ने यात्री के होटल खर्च के 14 हजार रुपये भी वापस करने को कहा है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला फ्लाइट अचानक कैंसिल होने से जुड़ा है, जब एक यात्री ने अपने और परिवार के तीन अन्य सदस्यों के लिए अमृतसर से गोवा जाने और वापस आने के लिए करीब 82,588 रुपये में टिकट बुक किए थे. लेकिन सफ़र के दौरान यात्री को ईमेल के जरिए यह जानकारी मिली कि वापसी वाली फ्लाइट अचानक कैंसिल कर दी गई है और अब यात्रा अगले दिन होगी.
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ऐसे में फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से यात्री और उसका परिवार गोवा में ही फंस गया. मजबूरी में परिवार को रात बिताने के होटल बुक करना पड़ा, जिस पर उन्हें करीब 14 हजार रुपए खर्च करने पड़े. जिसके बाद यात्री ने एयरलाइन से होटल खर्च वापस करने और मुआवजे की मांग की, लेकिन कंपनी ने इसे खारिज कर दिया. मजबूर होकर यात्री ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.
एयरलाइन ने क्या सफाई दी?
एयरलाइन ने अदालत में कहा कि खराब मौसम और अमृतसर में घने कोहरे के वजह से फ्लाइट को कैंसिल करनी पड़ी थी. क्योंकि कम विजिबिलिटी के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से उड़ान की इजाजत नहीं मिली थी. साथ ही कंपनी ने यह दावा किया कि यात्री को दूसरी तारीख की फ्लाइट का ऑप्शन दिया गया था और उसने उसके जरिए अपनी यात्रा पूरी कर ली थी. जिसके बाद एयरलाइन ने कहा कि खराब मौसम को असाधारण परिस्थिति (Force Majeure) में मुआवजा देना जरूरी नहीं है.
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने कहा कि खराब मौसम में यात्रियों की हिफाजत करना सबसे अहम है और ऐसी स्थिति में फ्लाइट कैंसिल करना सही हो सकता है. लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को जरूरी सहायता देना एयरलाइन की जिम्मेदारी है. ऐसे में आयोग ने माना कि एयरलाइन ने यात्री के रहने का इंतजाम नहीं किया जिसके कारण उसे अपने खर्च पर होटल बुक करना पड़ा. इसलिए पूरा खर्च यात्री से उठाने की उम्मीद नहीं की जा सकती.
एयरलाइन को कितना देना होगा मुआवजा?
- 14 हजार रुपये होटल खर्च के रूप में वापस करने होंगे.
- 30 हजार रुपये मानसिक परेशानी के मुआवजे के तौर पर देने होंगे.
- 20 हजार रुपये कानूनी खर्च के लिए पेमेंट करने होंगे.
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