मां बाप इस्तेमाल कर सकते हैं बच्चे के PPF का पैसा? कोर्ट ने सुनाया फैसला
PPF Account: बच्चे के नाम पर PPF या अन्य बचत योजनाओं में जमा रकम के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. आइए जानते हैं माता-पिता किन परिस्थितियों में यह पैसा इस्तेमाल कर सकते हैं.

Child PPF Account Rules: बच्चों की पढ़ाई, करियर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अक्सर माता-पिता उनके नाम पर पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और अन्य बचत योजनाओं में निवेश करते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या जरूरत पड़ने पर उस पैसे का इस्तेमाल अपने खर्चों या अन्य किसी जरूरतों के लिए कर सकते हैं. इस सवाल पर हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. आइए जानते हैं...
क्या था पूरा मामला?
हाल ही में एक पिता और उनकी बेटी से जुड़ा मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने साल 1999 में अपनी नाबालिग बेटी के नाम पर PPF खाता खुलवाया था. लेकिन साल 2017 में खाता मैच्योर होने पर उन्होंने उस खाते से करीब 13 लाख रुपये निकाल लिए. पिता का कहना था कि यह रकम उन्होंने बेटी की पढ़ाई और शादी जैसे खर्चों में इस्तेमाल करने के लिए निवेश किया था. हालांकि, बाद में बेटी ने अदालत में यह दावा किया कि उसके नाम की रकम उसके लिए खर्च नहीं की गई. इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पिता को बेटी की रकम का 8% सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया.
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हाई कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने कहा कि बच्चे के नाम पर जमा पैसा पूरी तरह बच्चे का माना जाता है. ऐसे में माता-पिता उस रकम के मालिक नहीं, बल्कि वे सिर्फ इसके ट्रस्टी होते हैं. अपने बच्चों की पढ़ाई, परवरिश और मेंटिनेंस का खर्च उठाना हर माता-पिता की जिम्मेदारी होती है. इसलिए इन जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए माता-पिता अपने बच्चों की जमा पूंजी का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. साथ ही बालिग होने पर बच्चे को उसकी जमा रकम सौंपना उनकी जिम्मेदारी है.
पिता की दलील क्यों नहीं मानी गई?
- पिता ने अदालत में कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के परवरिश और शिक्षा पर पहले ही काफी खर्च कर चुके है.
- उन्होंने यह भी कहा कि PPF की रकम को इन खर्चों के साथ जोड़ा जाना चाहिए.
- हाई कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे की जमा पूंजी को माता-पिता अपने खर्चों के बदले नहीं जोड़ सकते हैं.
बच्चे के नाम पर कौन खोल सकता है PPF खाता?
- माता-पिता या कानूनी अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर PPF खाता खोल सकते हैं.
- खाता अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जा सकता है.
- 18 साल की उम्र पूरी होने पर खाते का संचालन करने का अधिकार बच्चे मिल जाता है.
PPF खाते के नियम क्या हैं?
- PPF खाते की मूल मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है.
- अगर आप चाहें तो इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं.
- मैच्योरिटी के बाद खाते को बंद करना जरूरी नहीं है.
- लंबी समय तक निवेश जारी रखने पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है.
- इसके जरिए एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
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