क्या बिना नॉक किए होटल रूम में नहीं घुस सकता वेटर, जानें कितनी मिलती है सजा?
होटल स्टाफ बिना नॉक किए या बिना पुख्ता पुष्टि के किसी भी गेस्ट के कमरे में एंट्री नहीं कर सकता है. अगर कोई भी स्टाफ ऐसा करती है तो वह सर्विस में कमी माना जाएगा.

फाइव स्टार होटल में ठहरना आमतौर पर सुरक्षा, प्राइवेसी और सही सुविधाओं की गारंटी माना जाता है, लेकिन उदयपुर के लग्जरी होटल द लीला पैलेस से सामने आया मामला इन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. दरअसल चेन्नई की अदालत ने होटल द लीला पैलेस को मेहमानों की निजता के उल्लंघन का दोषी मानते हुए 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. साथ ही होटल को कमरे का पूरा किराया ब्याज सहित लौटाने और मुकदमे का खर्च चुकाने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसी बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बिना नॉक किए वेटर होटल रूम में नहीं घुस सकता है और इसे लेकर कितनी सजा मिलती है?
क्या है पूरा मामला?
यह मामला चेन्नई के एक कपल से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने उदयपुर के द लीला पैलेस होटल में एक दिन के लिए स्टे बुक किया था. कपल ने झील के सामने वाले ग्रैंड रूम के लिए करीब 55,500 रुपये का पेमेंट किया था. शिकायत के अनुसार जब पति-पत्नी कमरे के बाथरूम में थे, तभी होटल का हाउसकीपिंग स्टाफ मास्टर की का इस्तेमाल कर बिना अनुमति कमरे में घुस आया. वहीं कपल में से महिला शिकायतकर्ता पेशे से एक वकील है उनका आरोप है कि उन्होंने नो सर्विस कहकर मना भी किया, इसके बावजूद स्टाफ कमरे में आ गया हुआ और बाथरूम के टूटे दरवाजे से अंदर झांकने की कोशिश की. इस घटना से उन्हें गहरी शर्मिंदगी और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी. इसके बाद कपल ने तुरंत होटल के रिसेप्शन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि होटल प्रबंधन की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं की गई. जिसके बाद यह मामला उपभोक्ता अदालत तक पहुंचा.
मामले पर कोर्ट ने क्या कहा?
चेन्नई की उपभोक्ता अदालत इस मामले को लेकर अपने फैसले में कहा कि बुक किए गए होटल रूम में बिना अनुमति के प्रवेश करना सेवा में गंभीर कमी है. आयोग ने साफ शब्दों में कहा कि होटल की आंतरिक एसओपी (Standard Operating Procedures) किसी भी हाल में गेस्ट की निजता और सुरक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकती है. वहीं कोर्ट ने होटल का यह तर्क भी खारिज कर दिया कि कमरे पर डू नॉट डिस्टर्ब का साइन नहीं लगा था. आयोग के अनुसार डोर बेल बजाने के एक मिनट से भी कम समय में मास्टर की से कमरे में घुसना लापरवाही है, खासकर तब जब गेस्ट कमरे में मौजूद हों. निजता के उल्लंघन के बाद उपभोक्ता अदालत ने होटल द लीला पैलेस को आदेश दिया कि वह कपल को 10 लाख रुपये मुआवजा, 55,500 रुपये का कमरा किराया 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित और 10,000 रुपये मुकदमे का खर्च दो महीने के अंदर दें. .
बिना नॉक किए होटल रूम में घुसने पर सजा
दरअसल चेन्नई की उपभोक्ता अदालत यह फैसला साफ माना जा रहा है कि होटल स्टाफ बिना नॉक किए या बिना पुख्ता पुष्टि के किसी भी गेस्ट के कमरे में एंट्री नहीं कर सकता है. अगर कोई भी स्टाफ ऐसा करती है तो वह सर्विस में कमी माना जाएगा. साथ ही होटल स्टाफ की और से ऐसा करने पर गेस्ट की प्राइवेसी के उल्लंघन पर होटल को भारी मुआवजा भी चुकाना पड़ सकता है.
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Source: IOCL























