Read Estate: क्या बिल्डर या RWA मालिक को फ्लैट खाली करने या बेचने के लिए मजबूर कर सकते हैं?
Residential Flat Rules: सोसाइटी के प्रस्ताव या बहुमत के आधार पर किसी फ्लैट मालिक को घर बेचने या खाली करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. सदस्यता खत्म होना और संपत्ति का मालिकाना हक अलग हैं.

Rules for Society and Flats: आपने फ्लैट खरीदा है, वो आपके नाम पर रजिस्टर्ड है और आप सोसाइटी का मेंटेनेंस भी भरते हैं. ऐसे में अगर पड़ोसी आपके खिलाफ वोट करके सोसाइटी में ऐसा सुझाव दें कि आपको फ्लैट खाली करना है या उसे बेचना है, तो क्या वो आपको ऐसा करने के लिए मजबूर कर सकते हैं. इसका जवाब है, सिर्फ सोसाइटी के सुझाव से ऐसा नहीं किया जा सकता.
किसी सुझाव को बहुमत से पास कर देने भर से फ्लैट मालिक को अपनी जायदाद बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. दिल्ली हाई कोर्ट की वकील मेघा शर्मा के मुताबिक, सोसाइटी सिर्फ प्रस्ताव पास करके मालिक को फ्लैट खाली करने या बेचने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी या जनरल बॉडी के पास रजिस्टर्ड मालिकाना हक खत्म करने की कोर्ट की ताकत नहीं होती.
सदस्यता खत्म होना और मालिकाना हक अलग
सोसाइटी की सदस्यता और फ्लैट के मालिकाना हक को अलग अलग समझना जरूरी है. किसी व्यक्ति की सदस्यता खत्म होने पर उसके वोट देने या पद संभालने जैसे अधिकार जा सकते हैं, लेकिन इससे फ्लैट का मालिकाना हक अपने आप खत्म नहीं होता.
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Legum Solis के संस्थापक शशांक अग्रवाल ने कहा कि सदस्यता खत्म होने से आम तौर पर फ्लैट का मालिकाना हक खत्म नहीं होता. अगर सोसाइटी को फ्लैट पर कब्जा चाहिए, तो उसे इसके लिए कानूनी आधार और फिक्स प्रोसेस अपनानी होगी.
किन मामलों में सोसाइटी कार्रवाई कर सकती है?
अगर कोई सदस्य लगातार परेशानी पैदा करता है, फ्लैट का गलत इस्तेमाल करता है, बिना इजाजत कारोबार का काम करता है या सोसाइटी का बकाया नहीं चुकाता, तो सोसाइटी नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो मालिकाना हक खत्म कर सकती है या खुद फ्लैट पर कब्जा कर सकती है.
ये प्रोसेस राज्य के सहकारी कानून, नियमों और सोसाइटी के नियमों पर डिपेंड करती है. महाराष्ट्र में किसी सदस्य को निकालने के लिए तीन-चौथाई बहुमत की जरूरत होती है और संबंधित सदस्य को अपना पक्ष रखने का मौका भी देना होता है. इसके बाद प्रस्ताव को रजिस्ट्रार की मंजूरी चाहिए. फिर भी सदस्यता खत्म होना अपने आप फ्लैट खाली कराने का आदेश नहीं बन जाता.
मालिक क्या कर सकता है?
अगर सोसाइटी जबरन फ्लैट खाली कराने, जरूरी सर्विस बंद करने या परेशान करने की कोशिश करे, तो मालिक सिविल अदालत में जा सकता है. वो जरूरी सर्विस बहाल कराने के लिए संबंधित ऑफिसर से संपर्क कर सकता है. रजिस्ट्रार के आदेश या प्रस्ताव के खिलाफ अपील भी की जा सकती है. जरूरत पड़ने पर लागू कानून के अनुसार पुलिस में शिकायत भी की जा सकती है.
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