Aniruddhacharya Controversy: अपनी रील वायरल करने के लिए विवादित बातें बोलते हैं अनिरुद्धाचार्य?
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के महिलाओं पर दिए गए विवादित बयानों को लेकर एक टीवी डिबेट में तीखी बहस हुई। डिबेट में शामिल एक प्रतिभागी ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य कम पढ़े-लिखे लगते हैं, जो ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने संत समाज से अनिरुद्धाचार्य का बहिष्कार करने की मांग की। एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य को पूरे भारत की माताओं से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनिरुद्धाचार्य की भाषा में बदलाव आना चाहिए क्योंकि उनके कर्म सुंदर रहे हैं। हालांकि, एक अन्य प्रतिभागी ने उनकी मंशा को ही गलत बताया और कहा कि ऐसी अभद्र भाषा गलत मंशा से ही आती है। ममता काले जी ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य कथावाचक हैं, संत नहीं, और उनकी शब्दावली अशोभनीय है। उन्होंने कबीरदास जी के दोहे का जिक्र करते हुए कहा कि अनिरुद्धाचार्य को आत्ममंथन करना चाहिए और महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। चारु शर्मा ने अनिरुद्धाचार्य द्वारा 'वेशिया' शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई और उनकी भाषा को 'अनपढ़ों वाला' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिरुद्धाचार्य टीआरपी के लिए ऐसे बयान देते हैं और उनके गंदे बयान वाले रील्स वायरल होते हैं। उन्होंने कहा कि अनिरुद्धाचार्य सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं और महिलाओं की आजादी के बजाय उनके पैरों में जंजीरें डालने की वकालत कर रहे हैं।






































