स्टूडेंट को स्कूल ने पीरियड्स के विषय पर बोलने से रोका, सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद दी इजाजत
लोगों का कहना है कि इस टैबू को खत्म करना चाहिए. ट्विटर पर पीरियड के दौरान स्वच्छता और इसे लेकर जो सामाजिक वर्जनाएं हैं, उस पर चर्चा शुरू हो गई.

पीडियड्स को लेकर जो सोच है वो केवल भारत में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी है, जहां पर एक स्कूल में एक लड़की को पीरियड्स पर बोलने पर उसे रोक दिया गया. सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस तेज हो गई है. महिला ने बताया कि उसकी बेटी को पीरियड्स के विषय पर बोलने के लिए केवल इसलिए रोक दिया गया क्योंकि ये विषय अच्छा नहीं है. अब इसे लेकर महिला ने सवाल उठाया है कि पीरियड्स कब से गलत विषय हो गया?
इस सवाल पर सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स के जवाब आ रहे हैं. अमेरिका के Maryland में रहने वाली इस महिला का नाम Kami Garcia है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि "मेरी 14 साल की बेटी को उसके साथियों ने हाईस्कूल में पीरियड्स पर अपना निबंध प्रस्तुत करने के लिए चुना था, लेकिन स्कूल प्रशासन को नहीं लगता कि मेरी बेटी को इसमें भाग लेना चाहिए क्योंकि विषय अनुचित है. पीरियड्स कब से हाईस्कूल के लिए अनुचित विषय हो गया?
My 14 year old daughter was selected by her peers to present her oratorical essay on the stigma of periods to the high school, but the administration doesn’t think my daughter should present because the topic is inappropriate.
— Kami Garcia (@kamigarcia) March 11, 2022
इस ट्वीट पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया है. कई लोगों का कहना है कि इस टैबू को खत्म करना चाहिए. ट्विटर पर पीरियड के दौरान स्वच्छता और इसे लेकर जो सामाजिक वर्जनाएं हैं, उस पर चर्चा शुरू हो गई. उसके बाद महिला ने दूसरे ट्वीट में बताया कि स्कूल Period Stigma और Period Poverty के बारे में बोलने का मौका दे रहा है कि इस जागरूकता को बढ़ाने के लिए मेरी बेटी पर मुझे गर्व है.Kami Garcia के ट्विटर बायो के मुताबिक, वो एक राइटर हैं.
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Source: IOCL























