Video: अमेजन की रहस्यमयी जनजाति कैमरे में कैद, पहली बार दिखा आदिवासी लोगों का अनोखा नजारा
Amazon Video: अमेजन के वर्षावन में एक अलग-थलग जनजाति का दुर्लभ वीडियो सामने आया है, जिसमें योद्धाओं को दिखाया गया है. पेड़ों की कटाई और ड्रग तस्करी की वजह से ये जनजाति अपनी जमीन से बेदखल हो रही है.

Rare Amazon Tribe Video: सोशल मीडिया पर एक दुर्लभ वीडियो में अमेजन की एक बिना संपर्क वाली (अनकॉन्टैक्टेड) जनजाति के योद्धाओं की झलक सामने आई है, जो अब तक आधुनिक दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग जीवन जीती रही है. यह जनजाति अपनी प्रतिष्ठा के लिए जानी जाती है, जिनका आधुनिक दुनिया से कोई मतलब नहीं होता है. यह वीडियो लेखक और फिल्मकार पॉल रोसोलिए ने लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट पर साझा किया है.
कैमरे में कैद आदिवासी जीवन
वीडियो में आदिवासियों को तितलियों के झुंड से घिरे एक समुद्र तट पर निकलते हुए दिखाया गया है. अमेजन वर्षावन की रक्षा में दशकों का अनुभव रखने वाले रोसोली ने फुटेज को इसकी स्पष्टता में अभूतपूर्व बताया है. यह वीडियो जनजाति के लाइफस्टाइल की एक अनोखा झलक दिखाता है.
NEW: Never-before-seen footage of an uncontacted Amazonian tribe has been released by author Paul Rosolie on Lex Fridman's show.
— Collin Rugg (@CollinRugg) January 16, 2026
The tribe was seen lowering their weapons before they were given a canoe of food.
Rosolie is a conservationist who has reportedly spent two decades… pic.twitter.com/a0WF9O2Pof
यह फुटेज में पेरू के अमेजन क्षेत्र में एक नदी के किनारे हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत को दर्शाया गया है. संपर्क से बाहर रह चुकी जनजाति को भोजन से भरी नाव स्वीकार करने से पहले विश्वास के प्रतीक के रूप में अपने हथियार नीचे रखते हुए देखा गया.
हालांकि, यह बढ़ती हुई दृश्यता जिज्ञासा के बजाय संकट का संकेत है. सर्वाइवल इंटरनेशनल और स्थानीय आदिवासी संगठन फेनामाड के अनुसार, अंधाधुंध पड़ों की कटाई और ड्रग तस्करी की वजह से ये जनजाति अपनी पुश्तैनी जमीनों से बेदखल हो रही हैं.
जबरन संपर्क से माश्को पीरो पर जानलेवा खतरा
2024 के मध्य में, लॉगिंग रियायतों के पास 50 से ज्यादा लोगों को देखा गया, जहां कैनालेस ताहुमानु जैसी कंपनियों ने 200 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई हैं. इन घटनाओं से इस बात का संकेत मिलता है कि इस जनजाति के पास अब जाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है.
एक्सपर्ट का कहना है कि ये जबरन संपर्क जानलेवा हो सकते हैं. माश्को पीरो जनजाति के लोगों में फ्लू जैसी आम बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता की कमी है, जिससे कुछ महीने बाद उनकी बड़ी आबादी खत्म हो सकती है. अब संरक्षणवादी पेरू सरकार से मांग कर रहे हैं कि संरक्षित क्षेत्रों का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि 21वीं सदी के दबावों के बीच इस रहस्यमयी और अनोखी संस्कृति को बचाया जा सके.
Source: IOCL























