Wired या Wireless चार्जिंग? कौन बचाएगा आपके फोन की बैटरी, सच जानकर चौंक जाएंगे
Wired Vs Wireless Charging: वायरलेस चार्जिंग आमतौर पर धीमी होती है. इसमें पावर ट्रांसफर का प्रोसेस कम प्रभावी होती है जिसके कारण फोन को पूरा चार्ज होने में ज्यादा समय लगता है.

Wired Vs Wireless Charging: आज के समय में हर स्मार्टफोन यूजर रोजाना अपने फोन को चार्ज करता है लेकिन फिर भी बहुत से लोग यह तय नहीं कर पाते कि वायर्ड चार्जिंग बेहतर है या वायरलेस. दोनों के अपने फायदे और सीमाएं हैं खासकर जब बात स्पीड, सुविधा और बैटरी की सेहत की आती है. सही विकल्प चुनने के लिए इन दोनों तकनीकों को समझना जरूरी है.
स्पीड के मामले में कौन आगे?
अगर बात सिर्फ चार्जिंग स्पीड की करें तो वायर्ड चार्जिंग अभी भी सबसे आगे है. आधुनिक फास्ट चार्जर बेहद कम समय में फोन को 0 से 50 प्रतिशत तक चार्ज कर सकते हैं. यही वजह है कि जब आपको जल्दी में फोन चार्ज करना हो तो केबल के जरिए चार्ज करना ज्यादा भरोसेमंद साबित होता है.
दूसरी ओर, वायरलेस चार्जिंग आमतौर पर धीमी होती है. इसमें पावर ट्रांसफर का प्रोसेस कम प्रभावी होती है जिसके कारण फोन को पूरा चार्ज होने में ज्यादा समय लगता है. हालांकि नई तकनीकें इस अंतर को कम करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन फिलहाल स्पीड के मामले में वायर्ड चार्जिंग ही बेहतर विकल्प है.
सुविधा में वायरलेस का जवाब नहीं
वायरलेस चार्जिंग का सबसे बड़ा फायदा इसकी आसानी है. इसमें आपको किसी केबल को जोड़ने की जरूरत नहीं होती बस फोन को चार्जिंग पैड पर रखिए और चार्जिंग शुरू हो जाती है. यही कारण है कि यह ऑफिस डेस्क या रात में सोते समय इस्तेमाल के लिए काफी सुविधाजनक माना जाता है. हालांकि इस सुविधा के साथ एक छोटी सी कमी भी आती है ऊर्जा का कुछ हिस्सा ट्रांसफर के दौरान नष्ट हो जाता है जिससे इसकी दक्षता वायर्ड चार्जिंग के मुकाबले कम रहती है.
बैटरी हेल्थ पर क्या पड़ता है असर?
स्मार्टफोन की बैटरी के लिए सबसे बड़ा दुश्मन गर्मी होती है. ज्यादा तापमान बैटरी की उम्र को धीरे-धीरे कम कर सकता है. वायरलेस चार्जिंग में आमतौर पर ज्यादा हीट पैदा होती है क्योंकि इसमें ऊर्जा का ट्रांसफर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरीके से होता है. इसके बावजूद, आज के स्मार्टफोन्स में एडवांस सेफ्टी सिस्टम मौजूद होते हैं जो तापमान को कंट्रोल करते हैं और ओवरचार्जिंग से बचाते हैं. इसलिए सामान्य इस्तेमाल में दोनों ही तरीके सुरक्षित माने जाते हैं.
आखिर कौन-सा तरीका चुनना चाहिए?
अगर आपके लिए तेज चार्जिंग जरूरी है तो वायर्ड चार्जिंग ज्यादा सही विकल्प है. वहीं, अगर आप रोजमर्रा के इस्तेमाल में आसानी चाहते हैं तो वायरलेस चार्जिंग बेहतर अनुभव दे सकती है. सबसे समझदारी भरा तरीका यही है कि दोनों का संतुलित इस्तेमाल किया जाए जब जल्दी हो तब वायर्ड चार्जिंग अपनाएं और सामान्य स्थिति में वायरलेस का फायदा उठाएं. इससे आपको स्पीड और सुविधा दोनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन मिल जाएगा.
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Source: IOCL


























