Mouse और Keyboard किस USB Port में लगाने चाहिए? 99% लोग करते हैं ये बड़ी गलती
Tech Tips: अगर आप माउस या कीबोर्ड को USB 3.0 पोर्ट में लगाते हैं तो आमतौर पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होता.

- USB 3.0 से वायरलेस डिवाइस में इंटरफेरेंस हो सकता है।
Tech Tips: टेक्नोलॉजी की दुनिया में आज कंप्यूटर और लैपटॉप भी लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं. वर्क फ्रॉम होम में लोग लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में एक बेहतरीन वर्क सेटअप के लिए लोग माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ज्यादातर लोगों को इन दोनों डिवाइस को किस पोर्ट में लगाना चाहिए इसके बारे में जानकारी नहीं होती है.
Mouse और Keyboard के लिए कौन-सा पोर्ट सही है
अगर आपके कंप्यूटर में USB 2.0 और USB 3.0 दोनों मौजूद हैं तो माउस और कीबोर्ड को USB 2.0 पोर्ट में लगाना बेहतर माना जाता है. इसकी वजह ये है कि इन दोनों डिवाइस को बहुत ज्यादा डेटा स्पीड की जरूरत नहीं होती. USB 2.0 की स्पीड इनके लिए पूरी तरह पर्याप्त होती है.
ऐसा करने से USB 3.0 या USB 3.2 जैसे हाई-स्पीड पोर्ट खाली रहते हैं जिन्हें आप एक्सटर्नल SSD, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क या अन्य हाई-स्पीड डिवाइस के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
क्या USB 3.0 में लगाने से होता है नुकसान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप माउस या कीबोर्ड को USB 3.0 पोर्ट में लगाते हैं तो आमतौर पर कोई बड़ा नुकसान नहीं होता. ये डिवाइस नॉर्मली काम करेंगे. हालांकि, इससे हाई-स्पीड पोर्ट का बेमलतब का इस्तेमाल होता है जिसे आप फास्ट डेटा ट्रांसफर वाले डिवाइस के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. किया जा सकता है.
कुछ मामलों में वायरलेस माउस या कीबोर्ड के USB रिसीवर को USB 3.0 पोर्ट के पास लगाने से इंटरफेरेंस की समस्या भी देखी गई है, जिससे सिग्नल कमजोर हो सकता है. ऐसे में USB 2.0 पोर्ट बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
क्या सभी USB पोर्ट एक जैसे होते हैं
आपको बता दें कि ऐसा नहीं है. कंप्यूटर में अलग-अलग टाइप के USB पोर्ट होते हैं जिसमें USB 2.0, USB 3.0, USB 3.2 और USB-C शामिल है. इनमें USB 3.0 और उसके नए वर्जन की डेटा ट्रांसफर स्पीड USB 2.0 की तुलना में कई गुना ज्यादा होती है. आमतौर पर USB 3.0 पोर्ट के अंदर का रंग नीला होता है जबकि USB 2.0 पोर्ट काले या सफेद रंग के होते हैं.
कैसे चुनें सही पोर्ट
अगर आपके सिस्टम में USB 2.0 और USB 3.0 दोनों मौजूद हैं तो माउस और कीबोर्ड को USB 2.0 पोर्ट में लगाएं और USB 3.0/3.2 पोर्ट को तेज डेटा ट्रांसफर वाले डिवाइस के लिए सुरक्षित रखें. इससे आपके सिस्टम के सभी USB पोर्ट का बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा और आपको बेहतर एक्सपीरिएंस भी मिलेगा.
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