WhatsApp पर बदलेगा Two-Step Verification सिस्टम, होगा ये चेंज
WhatsApp Two-Step Verification System: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप का टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम अब अपग्रेड हो रहा है. नए वर्जन में पिन को पासवर्ड से रिप्लेस किया जा रहा है.

- व्हाट्सऐप टू-स्टेप वेरिफिकेशन में अब न्यूमेरिक पिन की जगह पासवर्ड।
- नया सिस्टम मजबूत पासवर्ड से बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा।
- यह मौजूदा वेरिफिकेशन के साथ काम करेगा, सुविधा वैकल्पिक होगी।
WhatsApp Two-Step Verification System: व्हाट्सऐप अकाउंट की प्रोटेक्शन के लिए कई साल से टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम चलता आ रहा है. अब कंपनी इस सिस्टम को बदलने पर विचार कर रही है. इस अपग्रेड देते हुए इसमें न्यूमेरिक पिन को डेडिकेटेड अकाउंट पासवर्ड से रिप्लेस किया जाएगा. बताया जा रहा है कि नया अपग्रेड मौजूदा सिस्टम की तुलना में बेहतर प्रोटेक्शन देगा. आइए जान लेते हैं कि इस सिस्टम में क्या बदलाव होगा और इससे यूजर को क्या फायदा होने वाला है.
Two-Step Verification System होगा अपडेट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाट्सऐप अपने Two-Step Verification System का नया वर्जन डेवलप कर रही है. इसमें 6 अंकों वाले पिन को एक पासवर्ड से रिप्लेस किया जाएगा. ट्रेडिशनल पासवर्ड की तरह नए वेरिफिकेशन सिस्टम में अंकों के साथ-साथ शब्दों का भी इस्तेमाल हो सकेगा. इससे यूजर को बेहतर प्रोटेक्शन मिलेगी और इस तरह के पासवर्ड को हैक करना अटैकर्स के लिए मुश्किल हो जाएगा. नए सिस्टम में पासवर्ड तभी सेट हो पाएगा, जब यह स्ट्रॉन्ग होगा. अगर व्हाट्सऐप को लगता है कि पासवर्ड वीक है तो इसे सेव नहीं करने दिया जाएगा. यह सिस्टम व्हाट्सऐप की मौजूदा लॉग-इन प्रोसेस के साथ काम करेगा. यानी यूजर को SMS वेरिफिकेशन के जरिए अपना फोन नंबर वेरिफाई करना होगा और इसके बाद उन्हें पासवर्ड क्रिएट करने का ऑप्शन मिलेगा.
ऑप्शनल होगा नया फीचर
टू-स्टेप वेरिफिकेशन की तरह नए पासवर्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम को भी ऑप्शनल बनाया जा सकता है. यानी आप चाहें तो इसे इनेबल कर सकते हैं. अगर आप पहले से टू-स्टेप वेरिफिकेशन सिस्टम को यूज नहीं कर रहे हैं तो इस बदलाव का आप पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अभी इस फीचर पर काम चल रहा है और आने वाले हफ्तों में इसे पब्लिक के लिए रोलआउट किया जा सकता है.
WhatsApp Username फीचर को लेकर हुआ था विवाद
याद दिला दें कि कुछ दिन पहले व्हाट्सऐप ने अपने नए फीचर के लिए यूजरनेम रिजर्व करने की प्रोसेस शुरू की थी. यह फीचर फोन नंबर को यूजरनेम से रिप्लेस करने के लिए लाया जाने वाला था, लेकिन विवाद होने के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. सरकार ने व्हाट्सऐप को नोटिस भेजकर इस फीचर के रोल आउट पर रोक लगाने का आदेश दिया था. सरकार का तर्क था कि यूजरनेम से साइबर फ्रॉड और पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने के मामले बढ़ सकते हैं.
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