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Kali365 क्या है? FBI की चेतावनी के बाद बढ़ी टेंशन, इन यूजर्स पर मंडरा रहा है ठगी का खतरा

Kali365 एक सब्सक्रिप्शन आधारित साइबर अपराध सेवा है जो हैकर्स को क्लाउड आधारित अकाउंट्स, खासकर Microsoft 365 वातावरण, पर ऑटोमेटेड फ़िशिंग हमले चलाने की सुविधा देती है.

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  • FBI ने Kali365 PhaaS प्लेटफॉर्म की गंभीर चेतावनी जारी की।
  • नकली ईमेल भेजकर यह टोकन चुराता और MFA बायपास करता है।
  • FBI ने Device Code Flow सीमित करने, निगरानी की सलाह दी।

What is Kali365: साइबर सुरक्षा को लेकर एक नई और गंभीर चेतावनी सामने आई है. अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने Kali365 नाम के एक नए साइबर अपराध प्लेटफॉर्म के बारे में अलर्ट जारी किया है. यह एक Phishing-as-a-Service (PhaaS) टूलकिट है जिसका इस्तेमाल Microsoft 365 अकाउंट्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म Multi-Factor Authentication (MFA) जैसी सेफ्टी लेयर को भी दरकिनार कर सकता है.

FBI के मुताबिक, अप्रैल 2026 में पहली बार सामने आए इस प्लेटफॉर्म को Telegram चैनलों के जरिए फैलाया जा रहा है जिससे कम तकनीकी जानकारी रखने वाले हमलावर भी बड़े स्तर पर साइबर हमले कर सकते हैं.

क्या है Kali365?

Kali365 एक सब्सक्रिप्शन आधारित साइबर अपराध सर्विस है जो हैकर्स को क्लाउड बेस्ड अकाउंट्स, खासकर Microsoft 365 वातावरण, पर ऑटोमेटेड फिशिंग हमले चलाने की सुविधा देती है.

FBI के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं जैसे AI की मदद से तैयार किए गए फिशिंग ईमेल और टेम्पलेट, ऑटोमेटेड कैंपेन मैनेजमेंट सिस्टम, रियल-टाइम पीड़ित ट्रैकिंग डैशबोर्ड, OAuth टोकन चोरी करने की क्षमता. इन सुविधाओं के कारण साइबर अपराधियों को तकनीकी विशेषज्ञता की कम जरूरत पड़ती है और वे बड़े पैमाने पर हमले कर सकते हैं.

कैसे काम करता है यह हमला?

Kali365 के जरिए किए जाने वाले हमले कई स्टेज में पूरे होते हैं.

नकली ईमेल का जाल

सबसे पहले पीड़ित को ऐसा ईमेल भेजा जाता है जो किसी भरोसेमंद क्लाउड सेवा या डॉक्यूमेंट शेयरिंग प्लेटफॉर्म की तरफ से आया हुआ लगता है. ईमेल में एक डिवाइस कोड और Microsoft के आधिकारिक लॉगिन पेज पर जाने के निर्देश दिए जाते हैं.

यूजर को भ्रमित करना

यूजर जब Microsoft के असली लॉगिन पेज पर जाकर वह डिवाइस कोड दर्ज करता है तो अनजाने में हमलावर के डिवाइस को अपने अकाउंट की अनुमति दे देता है.

OAuth टोकन की चोरी

इसके बाद सिस्टम यूजर के OAuth एक्सेस और रिफ्रेश टोकन को कैप्चर कर लेता है. यही टोकन हमलावर को अकाउंट तक पहुंचने में मदद करता है.

लंबे समय तक अकाउंट पर नियंत्रण

टोकन मिलने के बाद हमलावर Outlook, Teams और OneDrive जैसी सेवाओं तक पहुंच बना सकते हैं. इसके लिए उन्हें दोबारा पासवर्ड या MFA की जरूरत नहीं पड़ती. FBI का कहना है कि इस तरीके से हमलावर लंबे समय तक अकाउंट पर कंट्रोल बनाए रख सकते हैं.

यह हमला इतना खतरनाक क्यों है?

पुराने फिशिंग हमलों में आमतौर पर पासवर्ड चुराने की कोशिश की जाती है लेकिन Kali365 अलग तरीके से काम करता है.

इसके कारण

  • पासवर्ड सीधे चोरी नहीं होते
  • MFA सुरक्षा को बायपास किया जा सकता है
  • पासवर्ड बदलने के बाद भी हमलावर की पहुंच बनी रह सकती है

यही वजह है कि ऐसे हमलों का पता लगाना और उनसे उबरना आईटी टीमों और पीड़ितों के लिए ज्यादा मुश्किल हो जाता है.

FBI ने क्या सावधानियां अपनाने को कहा?

FBI ने संगठनों और कंपनियों को Microsoft 365 की सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है. एजेंसी ने कई सारे उपाय सुझाए हैं.

Device Code Flow Authentication को सीमित या बंद करना

सख्त Conditional Access Policies लागू करना

Device Code के इस्तेमाल की नियमित जांच करना

अलग-अलग डिवाइसों के बीच Authentication Transfer को रोकना

आपातकालीन एक्सेस अकाउंट्स को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखना

इसके अलावा संदिग्ध लॉगिन एक्टिविटीज और गलत सेशन की लगातार निगरानी करने की भी सलाह दी गई है.

साइबर हमले की रिपोर्ट कहां करें?

FBI ने Kali365 से जुड़े किसी भी साइबर हमले या संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट Internet Crime Complaint Center (IC3) में दर्ज कराने को कहा है. रिपोर्ट में सभी जरूरी जानकारी शामिल करने की सलाह दी गई है.

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स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

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