'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
वॉलंटरी रिटायरमेंट और इस्तीफे से जुड़े नियमों का कड़ा कर दिया है. इसकी वजह भारतीय स्पेस एजेंसी से लोग बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ रहे हैं. इसके अलावा उनसे इसरो मेमो के बारे में भी सवाल किया गया.

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े घटनाक्रमों पर अहम जवाब दिए हैं. इससे पहले NPCIL ने कहा था कि कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट में एक संवेदनशील डेटा लीक नहीं हुआ. डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने ISRO को इससे जुड़ा निर्देश भी जारी किया.
उन्होंने कहा कि वॉलंटरी रिटायरमेंट और इस्तीफे से जुड़े नियमों का कड़ा कर दिया है. इसकी वजह भारतीय स्पेस एजेंसी से लोग बड़ी संख्या में नौकरी छोड़ रहे हैं. इसके अलावा उनसे इसरो मेमो के बारे में भी सवाल किया गया. इसमें उन्होंने बताया कि यह प्रशासनिक कारणों से था. न कि किसी और वजह से.
मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नहीं ऐसा इसलिए है, यह प्रशासनिक कारणों से है. ताकि फैसला ज्यादा परिपक्व स्तर पर लिया जा सके. उन्होंने कहा कि ISRO में बहुत बड़ी वर्कफोर्स है. जैसे-जैसे लोग छोड़ते हैं, कई लोग जुड़ते भी हैं. कई लोग गए हैं. कई आए हैं. इस मामले में विवाद नहीं है.
कैबिनेट मंत्री ने और क्या बताया है?
जितेंद्र सिंह ने कहा कि ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. सोमनाथ ने एस चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए हैं. उन्होंने जनवरी 2025 तक इसरो के चेयरमैन के तौर पर काम किया. अहम मिशनों की देखरेख की. इनमें चांद के साउथ पोल के पास चंद्रयान 3 की सफल लैंडिग और भारत की पहली सोलर ऑब्जर्वेरी आदित्य एल-1 का लॉन्च शामिल है.
ये भी पढ़ें: Explained: 4 दिन बाद मानसून सत्र शुरू! कौन-से बिल लाएगी सरकार, किन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष और सदन का अंकगणित क्या?
किस तरह हुआ क्रू मॉड्यूल का आइडिया, जानें क्या बोले जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह ने पूर्व इसरो चीफ की बात को याद करते हुए कहा कि लगभग 10 साल पहले शुरुआती मीटिंग में से एक में उन्होंने कहा था कि किसी इंसान को ऊपर भेजना आसान है. उसे वापस लाना उतना ही मुश्किल है. इसी तरह क्रू मॉड्यूल का आइडिया शुरू हुआ. अब सोमनाथ उस भूमिका में नहीं है. इसका मतलब यह नहीं कि गगनयान मिशन रुक गया ऐसा नहीं होता है. इसके अलावा इसरो में लगातार काम चलता रहेगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि रिटायर हो चुके और पूर्व साइंटिस्ट भी इन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है. इसलिए वहां काम करने का तरीका अलग है.























