Android में Battery Saver ऑन करते ही क्या बदलता है, कैसे गलत इस्तेमाल से हो सकता है नुकसान?
Battery Saver in Android: बैटरी सेवर मोड ऑन करने पर आपको कई बार फोन की परफॉर्मेंस डाउन लग सकती है.

- बैटरी सेवर कम चार्ज पर फोन को अधिक समय चलाता है।
- यह बैकग्राउंड ऐप्स, परफॉर्मेंस, लोकेशन और डिस्प्ले को सीमित करता है।
- बैटरी 20% से कम होने पर ही इसका उपयोग करना उचित है।
Battery Saver in Android: स्मार्टफोन आज काफी एडवांस हो चुके हैं. लोगों के काम को आसान बनाने से लेकर उनके मनोरंजन का ध्यान रखने तक, आज स्मार्टफोन लोगों के जीवन में एक अहम भूमिका निभा रहा है. लेकिन अक्सर लोग स्मार्टफोन को इस्तेमाल करते समय उसकी बैटरी पर ध्यान नहीं देते हैं और कई बार फोन डिस्चार्ज हो जाता है.
ऐसे में अब एडवांस एंड्रॉयड स्मार्टफोन में यूजर्स को बैटरी सेवर मोड दिया जाता है जो फोन को कुछ लंबे समय तक ऑन रखती है जिससे यूजर को समय मिल सके फोन को चार्ज पर लगाने का. आज हम आपको बताएंगे कि फोन में बैटरी सेवर ऑन करते ही डिवाइस में क्या-क्या बदल जाता है जिससे फोन कुछ और देर तक ऑन रह सकता है.
कम हो सकती है डिवाइस की परफॉर्मेंस
इसके अलावा बैटरी सेवर मोड ऑन करने पर आपको कई बार फोन की परफॉर्मेंस डाउन लग सकती है. बैटरी बचाने के लिए सिस्टम प्रोसेसर की स्पीड को भी कम कर सकता है. इसीलिए जब भी ये मोड ऑन होता है तो गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या अन्य काम करते समय फोन उतना तेज काम नहीं कर पाता है जितना पहले करता था.
बंद हो जाते हैं बैकग्राउंड ऐप्स
बता दें कि जब भी आप एंड्रॉयड डिवाइस में Battery Saver मोड ऑन करते हैं तो वो तुरंत ही बैकग्राउंड में एक्टिव ऐप्स को बंद कर देती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स लगातार इंटरनेट, लोकेशन और प्रोसेसर का इस्तेमाल करते रहते हैं जिससे बैटरी जल्द खत्म हो जाती है.
लोकेशन और अन्य फीचर्स पर भी पड़ता है असर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैटरी सेवर ऑन करने पर कुछ स्मार्टफोन में 5G नेटवर्क की जगह 4G नेटवर्क मिलने लगता है. इसके अलावा, लोकेशन फीचर भी कम करने लगता है. इससे बैटरी की बचत तो होती है लेकिन कुछ ऐप्स की रियल-टाइम लोकेशन सर्विस प्रभावित हो सकती है.
स्क्रीन की ब्राइटनेस बदल जाती है
Battery Saver ऑन होने पर फोन के स्क्रीन की ब्राइटनेस कम हो सकती है और कई विजुअल इफेक्ट्स या एनिमेशन भी लिमिटेड हो जाते हैं. कुछ स्मार्टफोन्स में स्क्रीन का रिफ्रेश रेट भी कम हो जाता है जिससे बैटरी की खपत भी कम हो जाती है.
Always-On Display भी हो जाता है बंद
इसके अलावा इस मोड को ऑन करने पर कई स्मार्टफोन में Always-On Display, ऑटो सिंक और कुछ एक्सट्रा सिस्टम फीचर्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है. इससे डिस्प्ले और बैकग्राउंड प्रोसेस कम बैटरी इस्तेमाल करते हैं और आपका स्मार्टफोन लंबे समय तक आसानी से काम कर सकता है.
गलत इस्तेमाल से हो सकता है नुकसान
जानकारी के लिए बता दें कि अक्सर लोग एंड्रॉयड फोन में लंबे सफर के दौरान बैटरी सेवर मोड ऑन कर देते हैं जबकी उनके फोन की बैटरी 20 प्रतिशत से कहीं ज्यादा रहती है. लेकिन बता दें कि ऐसा बार-बार करना डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि, इसका कोई प्रमाण नहीं है लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा करने से फोन की ओवरऑल परफॉरर्मेंस पर फर्क पड़ता है.
लेकिन अगर आपके फोन की बैटरी 20 प्रतिशत या उससे कम हो चुकी है तो बैटरी सेवर मोड आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन होता है. खासतौर पर लंबे सफर के दौरान जहां आपको आसानी से फोन चार्ज करने की सुविधा नहीं मिलती है.
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