एक्सप्लोरर

साइबर ठगों की अब खैर नहीं! सरकार ने जारी किए नए Cybersecurity नियम, जानिए क्या बदलेगा आपके लिए

New Cybersecurity Rules: भारत में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों पर रोक लगाने के लिए Department of Telecommunications (DoT) ने नए Cybersecurity नियम लागू कर दिए हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • साइबर धोखाधड़ी रोकने को टेलीकॉम विभाग के नए नियम।
  • MNV प्लेटफॉर्म से सिम मालिक की पहचान होगी।
  • बैंक, बीमा और फिनटेक कंपनियां इसका उपयोग करेंगी।
  • नए नियम वित्तीय संस्थानों और टेलीकॉम पर लागू।

New Cybersecurity Rules: भारत में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों पर रोक लगाने के लिए Department of Telecommunications (DoT) ने नए Cybersecurity नियम लागू कर दिए हैं. ये नियम न केवल प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों जैसे Airtel, Jio, BSNL और Vi (Vodafone Idea) पर लागू होंगे, बल्कि अब इससे जुड़े वित्तीय और बीमा क्षेत्र पर भी असर दिखेगा. हालांकि, कुछ टेक विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि गैर-टेलीकॉम कंपनियों को DoT के दायरे में लाना यूज़र प्राइवेसी के लिए चुनौती बन सकता है.

DoT का नया कदम

Economic Times Telecom की रिपोर्ट के अनुसार, DoT अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन नए नियमों का मकसद टेलीकॉम ऑपरेटरों को बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ एकीकृत करना है.

DoT ने यह भी कहा कि उसका नियामक अधिकार केवल लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम ऑपरेटर्स तक सीमित है और यह नए नियम गैर-लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए नहीं हैं.

क्या है Mobile Number Validation Platform (MNV)?

इन नए नियमों का सबसे अहम हिस्सा है Mobile Number Validation (MNV) प्लेटफॉर्म जिसे DoT जल्द लॉन्च करने की तैयारी में है. इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य है यह जांचना कि किसी मोबाइल नंबर का स्वामित्व वास्तव में उसी व्यक्ति के पास है या नहीं जिसका नाम KYC (Know Your Customer) रिकॉर्ड में दर्ज है.

बैंक, फिनटेक कंपनियां और बीमा संस्थान इस प्लेटफॉर्म के जरिए नए खाते खोलते समय ग्राहकों के मोबाइल नंबर को वेरिफाई कर सकेंगे. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी बैंक खाते या बीमा पॉलिसी से जुड़ा मोबाइल नंबर सही व्यक्ति का ही है और इसी से फर्जीवाड़े और साइबर ठगी को रोका जा सकेगा.

कैसे करेगा यह प्लेटफॉर्म साइबर ठगी पर रोक?

अब तक भारत में कोई ऐसा कानूनी सिस्टम मौजूद नहीं था जो बैंकों या संस्थानों को यह जांचने की सुविधा दे कि मोबाइल नंबर वास्तव में अकाउंट होल्डर का है या नहीं. DoT का यह नया MNV प्लेटफॉर्म इसी कमी को पूरा करेगा.

इसके तहत बैंक और अन्य संस्थान सीधे टेलीकॉम कंपनियों से मोबाइल नंबर की वैधता की पुष्टि कर सकेंगे. इससे धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन, फर्जी सिम कार्ड और फेक अकाउंट खोलने जैसी घटनाओं में बड़ी कमी आने की उम्मीद है.

किन कंपनियों पर लागू नहीं होंगे ये नियम?

DoT ने स्पष्ट किया है कि ये नियम ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी या अन्य ऑनलाइन बिजनेस प्लेटफॉर्म्स पर लागू नहीं होंगे. इनका दायरा केवल उन संस्थानों तक रहेगा जो सीधे टेलीकॉम नेटवर्क और वित्तीय सेवाओं से जुड़े हैं.

यह भी पढ़ें:

एआई बन रहा है खुद का दुश्मन! जानिए क्या है AI Poisoning और कैसे ये मशीन की सोच को बिगाड़ देता है?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
Satellite Internet: कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट, आसमान से आपके घर तक कैसे पहुंचता है नेटवर्क?
कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट, आसमान से आपके घर तक कैसे पहुंचता है नेटवर्क?
Cloud Storage और External Hard Drive में कौन सा है आपके लिए बेहतर? जानिए क्या है दोनों के काम करने का तरीका
Cloud Storage और External Hard Drive में कौन सा है आपके लिए बेहतर? जानिए क्या है दोनों के काम करने का तरीका

वीडियोज

Sansani | Crime News | Ketan Murder Case:'विग लगाता था... इसलिए मरना था?' सिया का चौंकाने वाला दावा!
Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
तेज प्रताप यादव के ड्राइवर की पत्नी थाने पहुंची, चोरी के मामले में अब आया नया विवाद
तेज प्रताप यादव के ड्राइवर की पत्नी थाने पहुंची, चोरी के मामले में अब आया नया विवाद
IND vs IRE 1st T20I: भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
Welcome To The Jungle BO Collection: 'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
इंडिगो की फ्लाइट में यात्री बनाए गए बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
फ्लाइट में यात्री बने बंदी! घंटे भर से ज्यादा बिना AC के विमान में बैठाया, यात्रियों का घुटा दम
मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
मुहर्रम का नाम बवालियों ने किया बदनाम, बिहार में चली गोली, यूपी से एमपी तक आयी डरावनी तस्वीरें
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रक खड़े, आम लोगों से भी जब्त हो रहा राशन
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Embed widget