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100-150 रुपये में लगने वाले मोबाइल के टेम्पर्ड की असली कीमत क्या है? असल कॉस्ट सुनकर आप भी कहेंगे ऐसा क्या

 जिस टेम्पर्ड ग्लास के लिए आप बाजार में 100 से 150 रुपये तक खर्च करते हैं क्या आप उसकी असली कीमत जानते है? अगर नहीं, तो यहां जानिए

Tempered glass: आज जब भी हम बाजार से नया स्मार्टफोन खरीदते हैं तो सबसे पहले इसके लिए एक मोबाइल कवर और टेम्पर्ड ग्लास लेते हैं. ये दोनों ही मोबाइल के सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं और टूट-फूट से बचाते हैं. बाजार में अलग-अलग क्वालिटी के टेम्पर्ड ग्लास मौजूद हैं और इनकी कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 200-300 और 500 रुपये तक जाती है. कंपनी के हिसाब से ग्लास की कीमत और ज्यादा हो सकती है. लेकिन क्या आप जानते हैं जिस टेम्पर्ड ग्लास के लिए आप 80 से 100 रुपये खर्च करते हैं उसकी असली कीमत क्या है? शायद नहीं. दरअसल, जिस टेम्पर्ड ग्लास को आप 100 से 150 रुपये में बाजार से खरीदते हैं उसकी कीमत एक चाय के गिलास से भी कम होती है. पढ़ने पर शायद आपको यकीन न हो लेकिन ये सच है.

ये है होलसेल भाव

वैसे तो होलसेल में अगर कोई भी सामान लिया जाए तो उसकी कीमत कम हो जाती है. आज हम आपको टेम्पर्ड ग्लास की होलसेल कीमत के बारे में बताएंगे जिसे पढ़कर आप चौक जाएंगे. टेम्पर्ड ग्लास के व्यापारी बताते हैं कि इस ग्लास की होलसेल कीमत करीब 7 से 8 रुपये होती है. अगर कोई व्यापारी 1000 ग्लास का ऑर्डर देता है तो उसे एक टेम्पर्ड ग्लास करीब 7 से 8 रुपये का पड़ता है. वहीं, अगर व्यापारी अच्छी क्वालिटी का ग्लास लेते हैं तो इसकी कीमत 15 से 18 रुपये तक जाती है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि एंड कस्टमर को ये 100 रुपये से भी ज्यादा का पड़ता है.

फोन में कैसा ग्लास लगाना चाहिए?

इन दिनों बाजार में प्लास्टिक गार्ड्स, स्क्रीन गार्ड्स, 2D, 3D, 4D, 5D, 9D, 11D जैसे कई टेंपर्ड ग्लास मौजूद हैं. इन सभी की कीमत अलग-अलग है. आपको अपने फोन में वो ग्लास लगाना चाहिए जिसमें ज्यादा लेयर हो. यानि जिस गिलास की थिकनेस अच्छी हो. ज्यादा लेयर होने की वजह से जब आपका मोबाइल फोन कहीं गिरता है तो स्क्रीन तक दबाव नहीं पड़ता और मोबाइल की स्क्रीन बची रहती है. सामान्य तौर पर एक 2.5D ग्लास स्मार्टफोन की स्क्रीन के लिए बेस्ट है और ये टूट-फूट से इसे बचा लेता है.

अगर आप 3D, 4D, 5D, 9D, 11D जैसे ग्लास लगाते हैं तो ये भी आपके मोबाइल फोन को टूटने से बचाते हैं और इनके अंदर भी वही मटेरियल यूज होता है जो एक 2.5D ग्लास के अंदर लगा होता है. केवल मार्केटिंग की वजह से इनका नाम बदल दिया जाता है और कीमत को भी बढ़ा दिया जाता है. वास्तविक में अंदर से ये एक जैसे ही होते हैं. 

यह भी पढ़ें: आप जिस होटल के कमरे में ठहरे हैं उसमें कैमरा है या नहीं, यह कैसे पता करें?

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