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भारत में Telegram के कितने यूजर्स, बैन जारी रहने से कंपनी को कितना होगा नुकसान?

Telegram Ban: टेलीग्राम पर लगा टेंपरेरी बैन 22 जून तक बरकरार रहेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने कंपनी को राहत देते हुए सरकार के आदेश को असंगत मानने से इनकार कर दिया है.

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  • दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध के सरकारी फैसले को सही ठहराया।
  • सरकार ने टेलीग्राम को आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है।
  • प्रतिबंध से कंपनी को भारत में करोड़ों उपयोगकर्ता, राजस्व का नुकसान होगा।
  • टेलीग्राम के बैन होने से सिग्नल और वाइबर जैसे ऐप्स के डाउनलोड बढ़े।

Telegram Ban: भारत में बैन का सामना कर रहे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बैन लगाने के सरकार के फैसले को असंगत नहीं कहा जा सकता. हाई कोर्ट के इस फैसले को टेलीग्राम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. बता दें कि सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम और 30 जून तक इसके मैसेज एडिटिंग के फीचर को डिसेबल करने का आदेश दिया था. इसके खिलाफ टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी.

Telegram के भारत में कितने यूजर्स?

भारत में टेलीग्राम के यूजर्स की संख्या करोड़ों में है. टेलीग्राम पर बैन के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के सीईओ ने कहा था कि सरकार का यह आदेश 15 करोड़ यूजर्स को सजा दे रहा है. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत टेलीग्राम के लिए सबसे बड़ी मार्केट थी और यहां 10 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर हैं. 

बैन से टेलीग्राम को कितना नुकसान?

यूजर बेस का नुकसान- भारत सरकार ने टेलीग्राम पर कोई जुर्माना नहीं लगाया है, लेकिन टेंपरेरी बैन से ही कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. इसका सबसे बड़ा असर यूजर बेस पर पड़ रहा है. टेलीग्राम को एक्सेस न कर पाने के कारण अब यूजर दूसरी ऐप्स पर जा रहे हैं और इसका असर दिखना भी शुरू हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलीग्राम के बैन होने के बाद भारत में ऐप्पल ऐप स्टोर पर सिग्नल ऐप के डाउनलोड 72 प्रतिशत और गूगल प्ले स्टोर पर 322 प्रतिशत बढ़ गए थे. इसी तरह वाइबर ऐप के डाउनलोड भी 216 प्रतिशत बढ़े हैं.

रेवेन्यू का नुकसान- अभी टेलीग्राम पर टेंपरेरी बैन है, लेकिन सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सरकार का आरोप है कि टेलीग्राम नया डार्क वेब बन गया है और आतंकी गतिविधियों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. अगर यह बैन आगे खिसकाया जाता है या सरकार कोई नया कदम उठाती है तो टेलीग्राम का यूजर बेस खिसक जाएगा, जिसके चलते कंपनी के मोनेटाजेशन पर भी असर पड़ना तय है.

कंपनी की इमेज को झटका- सरकार की तरफ से लगाया गया बैन और आरोप टेलीग्राम की छवि के लिए बड़ा झटका साबित हो सकते हैं. टेलीग्राम पर सरकार के आरोपों को देखते हुए कई लोग अब यह प्लेटफॉर्म ज्वॉइन करने से बच सकते हैं. इसका नुकसान भी कंपनी को उठाना पड़ेगा. इस तरह देखा जाए तो यह बैन टेलीग्राम के लिए भूचाल बनकर आया है.

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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