एक्सप्लोरर

सैटेलाइट को भी पावर दे सकते हैं ये सोलर पैनल, बनाते हैं सबसे ज्यादा बिजली

Multi-Junction Solar Cells: अगर एफिशिएंसी की बात की जाए तो मल्टी-जंक्शन सोलर पैनल का कोई मुकाबला नहीं है. हालांकि, इनकी ज्यादा लागत और कम ड्यूरैबिलिटी के कारण इन्हें घरों पर यूज नहीं किया जा सकता.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मल्टी-जंक्शन सौर सेल अत्यधिक कुशल, भविष्य की ऊर्जा तकनीक।
  • ये विभिन्न सेमीकंडक्टर परतों से 47% तक ऊर्जा बनाते हैं।
  • उच्च दक्षता, स्थिरता इन्हें सैटेलाइट, ड्रोन के लिए उपयुक्त।
  • हालांकि, निर्माण महंगा, जटिल और टिकाऊपन एक चुनौती है।

Multi-Junction Solar Cells: अभी घरों पर लगाने के लिए ट्रेडिशनल सिलिकॉन सोलर पैनल और बाईफेशियल सोलर पैनल का इस्तेमाल हो रहा है. हालांकि, इसके साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी पर भी काम चल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ सालों में हम घर के सोलर एनर्जी सिस्टम में Multi-Junction Solar Cells यूज करने के करीब पहुंच जाएंगे. ये ऐसे पैनल होते हैं, जिनकी एफिशिएंसी मौजूदा पैनल से लगभग दोगुनी है और इन्हें सैटेलाइट को भी पावर देने के लिए यूज किया जा सकता है. आइए इस नई टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या होते हैं Multi-Junction Solar Cells?

ये एडवांस्ड सोलर पैनल होते हैं, जिन्हें Gallium Indium Phosphide (GaInP), Indium Gallium Arsenide (InGaAs) और Germanium (Ge) जैसे सेमीकंडक्टर मैटेरियल की अलग-अलग लेयर को एक-दूसरे के ऊपर रखकर बनाया जाता है. इनमें से हर लेयर सनलाइट से अलग-अलग वेवलेंग्थ को कैप्चर कर सकती है. इसकी हर सेल में अपना अलग p-n junction होता है, जिस कारण ये पैनल ज्यादा सनलाइट को बिजली में बदल सकते हैं. Concentrated सनलाइट में इन पैनल की एफिशिएंसी 47 प्रतिशत से भी ज्यादा है और स्टैंडर्ड कंडीशन में इनकी एफिशिएंसी 33 प्रतिशत से ज्यादा होती है.

क्या हैं Multi-Junction सोलर पैनल के फायदे

ऊपर हम आपको बता ही चुके हैं कि इनकी एफिशिएंसी 47 प्रतिशत तक है. चूंकि इसमें लगी हर लेयर अलग-अलग रेंज वाली सनलाइट को कैप्चर कर लेती है, इसलिए एनर्जी वेस्टेज बहुत कम होती है. इन पैनल पर ज्यादा टेंपरेचर का भी असर नहीं होता और ये हाई टेंपरेचर भी स्टेबल तरीके से काम कर सकते हैं. ट्रेडिशनल पैनल की बात करें तो ज्यादा टेंपरेचर में इनकी एफिशिएंसी कम हो जाती है. इसके अलावा Multi-Junction पैनल को उन जगहों पर भी काम में लिया जा सकता है, जहां जगह की कमी होती है. इसलिए ये सैटेलाइट, ड्रोन, मार्स रोवर और स्पेस स्टेशन के लिए परफेक्ट माने जाते हैं.

Multi-Junction सोलर पैनल के नुकसान क्या हैं?

मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट- इन पैनल की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ज्यादा होती है. अगर इनकी ट्रेडिशनल सोलर पैनल से तुलना की जाए तो इन्हें बनाने में 2-2.5 गुना तक ज्यादा लागत आती है. इसके अलावा इनकी मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस भी काफी मुश्किल है. इस कारण इनका प्रोडक्शन को मास लेवल पर ले जाना अभी भी कठिन बना हुआ है. वहीं ड्यूरैबिलिटी भी एक चिंता बनी हुई है. इन पैनल को बनाने के लिए नाजुक मैटेरियल का इस्तेमाल होता है. यह ट्रेडिशनल सोलर पैनल की तरह हर प्रकार का मौसम नहीं झेल सकता. डायरेक्ट सनलाइट न होने पर इनकी एफिशिएंसी में भी बड़ी गिरावट आती है.

ये भी पढ़ें-

IRCTC की नई वेबसाइट का इंतजार जल्द होगा खत्म, पहले आ रहा है बीटा वर्जन

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

70 पर्सेंट भारतीय Firms का AI पर फोकस, Security को लेकर बढ़ी चिंता
70 पर्सेंट भारतीय Firms का AI पर फोकस, Security को लेकर बढ़ी चिंता
WhatsApp पर अनजान कॉल का खतरा, तुरंत बदलें ये 2 Settings
WhatsApp पर अनजान कॉल का खतरा, तुरंत बदलें ये 2 Settings
Jio-Airtel के मुकाबले Starlink महंगा या सस्ता, देखें हिसाब-किताब?
Jio-Airtel के मुकाबले Starlink महंगा या सस्ता, देखें हिसाब-किताब?
दिवाली पर लॉन्च होंगे ये स्मार्ट गैजेट्स! बाजार में मचाएंगे धूम
दिवाली पर लॉन्च होंगे ये स्मार्ट गैजेट्स! बाजार में मचाएंगे धूम

वीडियोज

कैमरे पर हुस्न की खतरनाक 'जादूगर'!
दिल्ली पुलिस अलर्ट, 'कॉकरोचों' की धरपकड़
प्रदर्शन पर अंकुश...जरूरी या पुलिस निरंकुश?
SC ने क्यों दिखाई सख्ती?
सड़क पर तकरार...खामोश ज्ञानेश कुमार!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'लाल टोपी...,' यूपी में ये क्या कहने लगे ओवैसी, सुनकर चिढ़ जाएंगे अखिलेश यादव
'लाल टोपी...,' यूपी में ये क्या कहने लगे ओवैसी, सुनकर चिढ़ जाएंगे अखिलेश यादव
यूपी में सीट बंटवारा: अनुप्रिया पटेल ने इस सीटों पर किया दावा, सियासी हलचल तेज
यूपी में सीट बंटवारा: अनुप्रिया पटेल ने इस सीटों पर किया दावा, सियासी हलचल तेज
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश, आराध्या संग शेयर की अनसीन तस्वीर
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो का फैसला, 6 स्टेशन बंद
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो का फैसला, 6 स्टेशन बंद
'यूक्रेन में राष्ट्रपति बदले', ट्रंप के बोलते ही जेलेंस्की ने रख दी शर्त, बोले- '60 दिनों का...'
'यूक्रेन में राष्ट्रपति बदले', ट्रंप के बोलते ही जेलेंस्की ने रख दी शर्त, बोले- '60 दिनों का...'
कैप्टन स्मित मच्छार के फैन हुए इजराइली सिंगर, गाया हनुमान चालीसा
कैप्टन स्मित मच्छार के फैन हुए इजराइली सिंगर, गाया हनुमान चालीसा
Embed widget