सिर्फ कॉल से लीक हो सकता है IMEI? फोन से डेटा लीक का खतरा
एक नई जांच में मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी ऐसी समस्या सामने आई है, जिसमें कुछ परिस्थितियों में कॉल उठाने से पहले ही फोन का IMEI नंबर कॉल करने वाले तक पहुंच सकता है.

- GSMA ने ऑपरेटर्स को चेतावनी दी; जर्मनी ने समस्या ठीक की.
फोन पर आने वाली एक नॉर्मल कॉल को हम आमतौर पर सिर्फ बातचीत का जरिया मानते हैं, लेकिन एक नई जांच ने मोबाइल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ परिस्थितियों में कॉल रिसीव होने से पहले ही फोन से जुड़ी तकनीकी जानकारी कॉल करने वाले तक पहुंच सकती है. इसमें स्मार्टफोन का 15 अंकों वाला IMEI नंबर, फोन का मॉडल और ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन जैसी जानकारी शामिल हो सकती है. ऐसे में अब बिना कॉल उठाए भी फोन की कुछ जरूरी जानकारी लीक होने का खतरा सामने आया है. तो आइए जानते हैं कि सिर्फ कॉल से IMEI कैसे लीक हो सकता है.
सिर्फ कॉल से IMEI कैसे लीक हो सकता है?
Bayerischer Rundfunk (BR) की जांच के मुताबिक, यह समस्या तब सामने आती है जब दो अलग-अलग मोबाइल नेटवर्क के यूजर्स के बीच कॉल की जाती है. BR ने जर्मनी के Telekom, Vodafone और Telefónica (O2) नेटवर्क पर 70 टेस्ट कॉल करके इस समस्या की जांच की. रिपोर्ट में बताया गया कि कई मामलों में Telekom और Telefónica (O2) के नेटवर्क पर IMEI नंबर कॉल करने वाले तक पहुंचा. वहीं Telekom और Vodafone के नेटवर्क पर स्मार्टफोन का मॉडल और ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन सामने आने की बात कही गई. हालांकि Vodafone ने साफ किया कि उसके नेटवर्क पर किए गए टेस्ट में IMEI नंबर सामने नहीं आया.
IMEI नंबर लीक होना क्यों चिंता की बात है?
IMEI किसी मोबाइल डिवाइस की पहचान करने वाला यूनिक नंबर होता है. BR के मुताबिक, इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल डिवाइस की प्रोफाइल तैयार करने, ज्यादा टार्गेटेड फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग अटैक करने के साथ-साथ ऐसे डिवाइस और सॉफ्टवेयर की पहचान करने में किया जा सकता है, जिनमें सुरक्षा खामियां मौजूद हों.
जर्मनी के पूर्व सैन्य अधिकारी और Bundestag सदस्य Roderich Kiesewetter के फोन पर भी टेस्ट कॉल की गई थी. उन्होंने पुष्टि की कि सामने आया IMEI नंबर उनके फोन का सही नंबर था. जर्मनी के Federal Office for the Protection of the Constitution ने भी इस मामले की पुष्टि की और माना कि खुफिया एजेंसियां ऐसी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं.
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1,000 से ज्यादा ऑपरेटरों को दी गई चेतावनी
इस मामले के सामने आने के बाद Global System for Mobile Communications Association (GSMA) ने 1,000 से ज्यादा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों को अलर्ट किया. GSMA ने कंपनियों से अपने नेटवर्क की जांच करने और गैर-जरूरी डेटा ट्रांसमिशन को फिल्टर करने की सलाह दी.
जर्मनी में लीक को किया गया ठीक
रिपोर्ट सामने आने के बाद जर्मनी के मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों ने तकनीकी बदलाव लागू कर इस समस्या को ठीक करने की बात कही है. हालांकि, BR की जांच सिर्फ जर्मनी के नेटवर्क तक सीमित थी. इसलिए दूसरे देशों के मोबाइल नेटवर्क में ऐसी ही दिक्कत मौजूद है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. IETF के RFC 7254 और RFC 7255 में भी IMEI को लेकर चेतावनी दी गई है. इनमें बताया गया है कि IMEI डिवाइस की पहचान और ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल हो सकता है और इसे खुले तौर पर भेजने से यूजर्स की प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है.
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