एक्सप्लोरर

क्या आपका बच्चा AI खिलौनों से कर रहा है बातें? जानिए इसके छिपे हुए जोखिम

AI Toys: कम उम्र के बच्चों के लिए यह समझना आसान नहीं होता कि उनका टेडी बियर वास्तव में जीवित नहीं है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अभिभावकों को बच्चों के AI खिलौना उपयोग पर नज़र रखनी चाहिए।

AI Toys: कल्पना की दुनिया में बोलने वाले टेडी बियर की कहानियां हमेशा से बच्चों को आकर्षित करती रही हैं लेकिन अब यह हकीकत बन चुकी है. ChattyBear जैसे नए AI-संचालित टेडी बियर बच्चों से बातचीत कर सकते हैं उनकी पसंद-नापसंद पर चर्चा कर सकते हैं, कहानियां सुना सकते हैं खेल खेल सकते हैं और यहां तक कि दुनिया में चल रही घटनाओं पर भी बात कर सकते हैं.

ये स्मार्ट खिलौने जनरेटिव AI तकनीक, जैसे ChatGPT, की मदद से काम करते हैं. कंपनियां इन्हें छोटे बच्चों के लिए सीखने का नया माध्यम और स्क्रीन टाइम से बचाने वाला विकल्प बताकर बाजार में उतार रही हैं. हालांकि, कई महीनों तक ऐसे छह अलग-अलग AI खिलौनों का परीक्षण करने के बाद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इनके साथ कुछ गंभीर जोखिम भी जुड़े हुए हैं.

जब खिलौना इंसान जैसा व्यवहार करने लगे

कम उम्र के बच्चों के लिए यह समझना आसान नहीं होता कि उनका टेडी बियर वास्तव में जीवित नहीं है. समस्या तब और बढ़ जाती है जब AI खिलौने खुद को बच्चे का सच्चा दोस्त या बडी बताने लगते हैं.

इंसानों जैसी आवाज और बातचीत का तरीका बच्चों में भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव की भावना पैदा करता है. कई AI खिलौने बच्चों की हर बात से सहमत होते हैं उनकी तारीफ करते हैं और लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं. इससे बच्चे उनके प्रति अधिक आकर्षित हो सकते हैं.

शोध बताते हैं कि छोटे बच्चे बातचीत करने वाले AI सिस्टम से जल्दी भावनात्मक रिश्ता बना लेते हैं. यही वजह है कि विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि AI कोई वास्तविक दोस्त नहीं बल्कि एक तकनीकी उपकरण है.

अनंत बातचीत का छिपा हुआ खतरा

अधिकांश AI खिलौनों का प्रचार इस बात पर किया जाता है कि वे बच्चों के साथ कभी भी और कितनी भी देर तक बातचीत कर सकते हैं. पहली नजर में यह सुविधा आकर्षक लग सकती है लेकिन इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं.

लगातार बातचीत की सुविधा बच्चों के लिए तकनीक के इस्तेमाल की सीमाएं तय करना मुश्किल बना सकती है. जैसे सोशल मीडिया पर अंतहीन स्क्रॉलिंग की समस्या होती है, वैसे ही AI खिलौनों के साथ भी बच्चे लंबे समय तक जुड़े रह सकते हैं.

कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि कुछ AI सिस्टम कभी-कभी उम्र के लिहाज से अनुपयुक्त विषयों पर चर्चा कर सकते हैं जो बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

बच्चों की निजी जानकारी भी हो सकती है खतरे में

बच्चों को अक्सर लगता है कि वे अपने टेडी बियर से जो बातें कर रहे हैं वे पूरी तरह निजी हैं. लेकिन वास्तविकता इससे अलग हो सकती है. AI खिलौनों के साथ होने वाली बातचीत का डेटा कई बार कंपनियों के सर्वर पर संग्रहित किया जाता है. बच्चा अपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी, परिवार से जुड़ी बातें या अन्य निजी विवरण साझा कर सकता है जिन्हें बाद में तकनीक को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

यानी एक दोस्ताना दिखने वाला टेडी बियर बच्चों की संवेदनशील जानकारी भी इकट्ठा कर सकता है.

सामाजिक और भावनात्मक विकास पर असर

बचपन वह समय होता है जब बच्चे दूसरों के साथ रिश्ते बनाना, भरोसा करना और भावनाओं को समझना सीखते हैं. ये कौशल आमतौर पर परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों के साथ बातचीत से विकसित होते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चे बहुत अधिक समय AI साथियों के साथ बिताने लगें तो वास्तविक लोगों के साथ उनका संवाद कम हो सकता है. इससे सामाजिक कौशल विकसित होने के अवसर घट सकते हैं.

लंबे समय में यह स्थिति बच्चों को मशीनों के साथ बातचीत अधिक सहज और इंसानों के साथ रिश्ते अधिक जटिल लगने की ओर धकेल सकती है जिससे अकेलेपन की भावना भी बढ़ सकती है.

AI खिलौनों के साथ अभिभावकों की भूमिका क्यों जरूरी है?

आज AI तकनीक आवाज के माध्यम से इतनी आसान हो चुकी है कि पढ़ना-लिखना न जानने वाले छोटे बच्चे भी इसका उपयोग कर सकते हैं. इससे सीखने और मनोरंजन के नए अवसर जरूर खुलते हैं लेकिन सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि माता-पिता या कोई भरोसेमंद वयस्क बच्चों के साथ मिलकर AI खिलौनों का इस्तेमाल करें तो यह तकनीक को समझने का एक रोचक तरीका हो सकता है. लेकिन छोटे बच्चों को बिना निगरानी के ऐसे खिलौनों के साथ छोड़ना कई नए जोखिम पैदा कर सकता है.

आगे क्या?

AI खिलौनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और बड़ी खिलौना कंपनियां भी इस दिशा में निवेश कर रही हैं. हालांकि, अभी इनके दीर्घकालिक प्रभावों पर पर्याप्त शोध उपलब्ध नहीं है. ऐसे में जरूरी है कि निर्माता सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अभिभावक बच्चों के AI खिलौनों के उपयोग पर नजर बनाए रखें ताकि तकनीक का लाभ तो मिले लेकिन उससे जुड़े संभावित खतरे बच्चों तक न पहुंचें.

यह भी पढ़ें:

पब्लिक जगह पर WhatsApp वॉइस मैसेज सुनना नहीं चाहते? टेक्स्ट में बदलकर पढ़ें, ये है आसान तरीका

स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या आपका बच्चा AI खिलौनों से कर रहा है बातें? जानिए इसके छिपे हुए जोखिम
क्या आपका बच्चा AI खिलौनों से कर रहा है बातें? जानिए इसके छिपे हुए जोखिम
मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका iPhone कैमरा? सच जानकर चौंक जाएंगे!
मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका iPhone कैमरा? सच जानकर चौंक जाएंगे!
AI बढ़ा रहा साइबर हमलों का खतरा, अब कोई भी बन सकता है हैकर! CrowdStrike CEO की चेतावनी
AI बढ़ा रहा साइबर हमलों का खतरा, अब कोई भी बन सकता है हैकर! CrowdStrike CEO की चेतावनी
Elon Musk को टक्कर देने उतरा चीन, Neuralink जैसी ब्रेन चिप को दी कमर्शियल मंजूरी
Elon Musk को टक्कर देने उतरा चीन, Neuralink जैसी ब्रेन चिप को दी कमर्शियल मंजूरी
Advertisement

वीडियोज

YRKKH:😯Armaan और Abhira की नई शुरुआत, मुश्किलों के बीच टेम्पो में बसाया अपना संसार #sbs
Tata Tiago EV facelift review: petrol भूल जाओ? #tata #tatatiago #autolive
Insha Ghai ने Bigg Boss, Khatron Ke Khiladi और कंटेंट क्रिएशन के सफर पर की खुलकर बात
'Gullak 5' में हर परिवार को दिखेगी अपनी कहानी, बोलीं Helly Shah
Sansani | Crime News:45 साल की मम्मी और 23 साल का आशिक! | Punjab
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'जहाज में भर रहा पानी, लाइफ बोट पर आग', हॉर्मुज में अमेरिकी नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान!
'जहाज में भर रहा पानी, लाइफ बोट पर आग', US नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान!
UP Politics: इमरान मसूद का सपा चीफ अखिलेश यादव पर बड़ा बयान, कहा- वो हवा में बात...
UP Politics: इमरान मसूद का सपा चीफ अखिलेश यादव पर बड़ा बयान, कहा- वो हवा में बात...
INDIA Bloc Meeting LIVE: इंडिया गठबंधन के 25 दलों की बैठक, 5 मुद्दों पर बनी सहमति, खरगे बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
LIVE: इंडिया गठबंधन के 25 दलों की बैठक, 5 मुद्दों पर बनी सहमति, खरगे बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
कितने अमीर हैं मानव सुथार, BCCI से कितनी सैलरी मिलती है? IPL से करते हैं लाखों की कमाई
कितने अमीर हैं मानव सुथार, BCCI से कितनी सैलरी मिलती है? IPL से करते हैं लाखों की कमाई
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Box Office: वरुण धवन की फिल्म हिट या फ्लॉप? जानें- तीन दिनों में बजट का कितना वसूल किया
'है जवानी तो इश्क होना है' हिट या फ्लॉप? जानें- तीन दिनों में बजट का कितना वसूल किया
INDIA Bloc Meeting: ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या कहा? बैठक से बाहर आई बड़ी खबर
ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या कहा? बैठक से बाहर आई बड़ी खबर
BSNL सिम KYC के नाम पर आ रहा है नोटिस? यह गलती की तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
BSNL सिम KYC के नाम पर आ रहा है नोटिस? यह गलती की तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
रोल नंबर विवाद पर CBSE का जवाब, जानिए क्यों नहीं खुल रहा था छात्रों का पोर्टल
रोल नंबर विवाद पर CBSE का जवाब, जानिए क्यों नहीं खुल रहा था छात्रों का पोर्टल
Embed widget