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AI का दौर शुरू! भारत के राज्यों में बन रहे AI मंत्री, आखिर क्या बदलने वाला है?

AI Minister: इस फैसले ने साफ संकेत दिया कि राज्य सरकार AI को केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और भविष्य की रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रही है.

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  • केरल, तमिलनाडु ने AI के लिए अलग-अलग मंत्री नियुक्त किए।
  • महाराष्ट्र ने AI विभाग बनाया, कर्नाटक का अलग तकनीकी मॉडल।
  • विशेषज्ञों की राय बंटी, वैश्विक स्तर पर AI प्रशासन मजबूत।

AI Minister: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम लोगों की जिंदगी को तेजी से बदल रही है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब हर क्षेत्र AI के प्रभाव में आ रहा है तो क्या सरकारों को भी इसके लिए अलग मंत्रालय और मंत्री नियुक्त करने चाहिए?

भारत में इस दिशा में एक नई शुरुआत देखने को मिल रही है. सबसे पहले केरल ने अपने मंत्रिमंडल में AI के लिए अलग जिम्मेदारी तय की जिसके बाद तमिलनाडु ने भी इसी राह पर कदम बढ़ाया. अब कई अन्य राज्य भी इस मॉडल को ध्यान से देख रहे हैं और चर्चा तेज हो गई है कि क्या AI के लिए अलग मंत्री वास्तव में जरूरी है या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम है.

केरल ने दिखाई पहल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 20 मई 2026 को केरल ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बना जिसने कैबिनेट स्तर पर AI को अलग महत्व दिया. वरिष्ठ नेता PK Kunhalikutty को उद्योग, वाणिज्य, आईटी, AI, स्टार्टअप, खनन एवं भूविज्ञान, वस्त्र विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई.

इस फैसले ने साफ संकेत दिया कि राज्य सरकार AI को केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और भविष्य की रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रही है.

तमिलनाडु ने भी बनाई अलग AI जिम्मेदारी

केरल के बाद Tamil Nadu की सरकार ने भी AI को लेकर अलग पोर्टफोलियो तैयार किया. मुख्यमंत्री C Joseph Vijay के नेतृत्व वाली सरकार ने विधायक R Kumar को AI, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं का प्रभार सौंपा.

दिलचस्प बात यह है कि उनकी पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र में AI मंत्रालय, AI विश्वविद्यालय और AI सिटी स्थापित करने का वादा किया था. अब राज्य सरकार इन योजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रही है.

सरकार स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण, भाषा तकनीक और जलवायु विज्ञान जैसे क्षेत्रों में AI उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रही है. साथ ही AI आधारित प्रशासनिक सेवाओं, कौशल विकास केंद्रों और डिजिटल गवर्नेंस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.

कर्नाटक का अलग नजरिया

जहां कुछ राज्य AI के लिए अलग मंत्रालय बना रहे हैं वहीं Karnataka ने अधिक व्यापक तकनीकी दृष्टिकोण अपनाया है. राज्य के मंत्री Priyank Kharge का मानना है कि AI के लिए अलग मंत्रालय बनाने की बजाय टेक्नोलॉजी मंत्रालय अधिक व्यावहारिक ऑप्शन है. उनके अनुसार तकनीक लगातार बदलती रहती है और यदि भविष्य में AI की जगह कोई नई तकनीक आ जाए तो बार-बार मंत्रालयों का पुनर्गठन करना उचित नहीं होगा.

कर्नाटक पहले से ही AI प्रतिभा और अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है. राज्य के पास बड़ी इंजीनियरिंग और अनुसंधान क्षमता, डीप-टेक फंडिंग और AI परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए विशेष AI-ML सेल मौजूद है. इसके अलावा जिम्मेदार और नैतिक AI का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए विशेष समिति भी बनाई गई है.

महाराष्ट्र का AI-केंद्रित विस्तार

Maharashtra ने अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग स्थापित करने को मंजूरी दी. इसके साथ ही आईटी निदेशालय को AI आयुक्तालय में बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई.

राज्य ने एक समर्पित AI नीति भी घोषित की है जिसका उद्देश्य AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और तकनीकी कौशल विकसित करना है. इस नीति में AI उत्कृष्टता केंद्र, AI नवाचार शहर और आधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाओं की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है.

क्या AI मंत्री सिर्फ प्रतीक हैं?

तकनीकी विशेषज्ञों की राय इस विषय पर बंटी हुई है. पूर्व Infosys CFO और निवेशक Mohandas Pai का कहना है कि केवल मंत्रालय बना देने से बड़ा बदलाव नहीं आएगा. इसके लिए पर्याप्त बजट, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने वाली नीतियां भी जरूरी हैं.

वहीं Umakant Soni का मानना है कि AI उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सही नीतियां जरूरी हैं लेकिन सबसे बड़ी चुनौती ऐसे विशेषज्ञों को ढूंढना होगी जो इस तकनीक को गहराई से समझते हों. यदि नीति निर्माता तकनीक को सही ढंग से नहीं समझेंगे तो वे अनजाने में विकास की गति को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

दुनिया में क्या हो रहा है?

भारत में फिलहाल AI से जुड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारियां Ministry of Electronics and Information Technology के तहत संचालित होती हैं जिसकी अगुवाई Ashwini Vaishnaw कर रहे हैं.

हालांकि केंद्र सरकार AI को प्राथमिकता दे रही है. इसके लिए हजारों करोड़ रुपये की IndiaAI Mission जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं और भारतीय भाषाओं तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी AI ढांचा विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.

वैश्विक स्तर पर भी कई देशों ने AI प्रशासन को मजबूत किया है. United Arab Emirates ने 2017 में दुनिया का पहला AI मंत्री नियुक्त किया था, जहां Omar Sultan Al Olama को यह जिम्मेदारी मिली. United Kingdom, Canada और France भी AI प्रशासन के लिए विशेष पद और ढांचे विकसित कर चुके हैं.

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स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

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