जियो से 5 करोड़ यूजर कम होने के बावजूद एयरटेल की कमाई ज्यादा, क्या हैं कारण?
Jio vs Airtel ARPU: यूजर के मामले में आगे होने के बाद भी ARPU की रेस में जियो एयरटेल से पिछड़ गई है. करीब 5 करोड़ यूजर्स कम होने के बावजूद एयरटेल का ARPU जियो से ज्यादा है.

- एयरटेल का ARPU जियो से अधिक, कम ग्राहक होने पर भी।
- ARPU प्रति उपयोगकर्ता आय दर्शाता, एयरटेल ₹257, जियो का ₹215.6।
- प्रीमियम ग्राहक, पोस्टपेड योजनाएँ एयरटेल के ARPU वृद्धि का कारण।
Jio vs Airtel ARPU: जियो और एयरटेल देश की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं और दोनों के बीच जबरदस्त मुकाबला चलता रहता है. यूजर्स की संख्या के हिसाब से देखें तो जियो सबसे बड़ी कंपनी है, वहीं अपने हर यूजर से होने वाली कमाई के मामले में एयरटेल पहले नंबर पर है. ताजा फाइनेंशियल नतीजे बताते हैं कि जियो से लगभग 5 करोड़ यूजर्स कम होने के बावजूद एयरटेल का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ज्यादा है. आइए जानते हैं कि ARPU क्या होता है, यह क्यों जरूरी है और एयरटेल इस मामले में कैसे आगे है.
क्या होता है ARPU?
टेलीकॉम सेक्टर में ARPU पर सबसे ज्यादा नजर रखी जाती है. इससे पता चलता है कि कोई टेलीकॉम कंपनी अपने हर यूजर से हर महीने कितना रेवेन्यू कमा रही है. ज्यादा ARPU का मतलब है कि उस कंपनी के ग्राहक प्रीमियम प्लान, ज्यादा डेटा यूसेज और दूसरी वैल्यू-एडेड सर्विसेस के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं. ARPU में अगर मामूली बढ़ोतरी भी होती है तो यह कंपनी की आमदनी को काफी बढ़ा सकता है. अब कंपनियों की बात करें तो जियो का ARPU 215.6 रुपये है. एक साल पहले यह 208.08 रुपये था. इसकी तुलना में एयरटेल का ARPU 257 रुपये है. यानी एयरटेल अपने हर ग्राहक से हर महीने जियो की तुलना में 41.4 रुपये (लगभग 19.2 प्रतिशत) ज्यादा कमा रही है.
किस कंपनी के कितने यूजर?
जियो 53.3 करोड़ यूजर्स के साथ भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है. इनमें से 28.5 करोड़ 5G यूजर्स हैं. दूसरी तरफ एयरटेल के यूजर्स की संख्या 48.3 करोड़ है. यानी करीब 5 करोड़ यूजर्स कम होने के बावजूद इसका ARPU जियो से ज्यादा है. ARPU और यूजर बेस के आधार पर जियो हर महीने 11,498 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट करती है, वहीं एयरटेल इस हिसाब से 12,434 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त कर रही है.
एयरटेल का ARPU ज्यादा क्यों है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरटेल के प्रीमियम यूजर्स की संख्या ज्यादा है और उसके यूजर बेस में पोस्टपेड सब्सक्राइबर की बड़ी हिस्सेदारी है. इसी तरह कंपनी के महंगे प्लान भी उसे ज्यादा रेवेन्यू जनरेट करने में मदद कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि एयरटेल ने सिर्फ यूजर्स के नंबर बढ़ाने पर फोकस करने की बजाय कस्टमर क्वालिटी और हर यूजर पर खर्च बढ़ाने की रणनीति बनाई है. दूसरी तरफ जियो अपने यूजर्स को बढ़ाने के साथ-साथ क्लाउड कंप्यूटिंग और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड जैसी दूसरी डिजिटल सर्विसेस पर भी निवेश कर रही है. कंपनी का कहना है कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के लिए चलाई जा रही प्रमोशनल स्कीमों से ARPU पर थोड़ा असर पड़ा है.
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