एक्सप्लोरर

Tech Explained: गूगल पर कैसे आपके सवालों के सही जवाब मिल जाते हैं? जानिये कैसे काम करते हैं सर्च इंजन

गूगल आपके हर सवाल का सटीक जवाब कैसे दे देता है? उसे कैसे पता चलता है कि आप क्या जानना चाह रहे हैं? आज के टेक एक्सप्लेनर में हम इन्हीं सवालों के जवाब जानेंगे.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सर्च इंजन क्रॉलिंग, इंडेक्सिंग, रैंकिंग से जानकारी देते हैं।
  • क्रॉलर इंटरनेट से डेटा और नई जानकारी इकट्ठा करते हैं।
  • इंडेक्सिंग जानकारी को डिजिटल लाइब्रेरी कैटलॉग की तरह व्यवस्थित करती है।
  • रैंकिंग प्रासंगिकता, अधिकार, कीवर्ड और उपयोगकर्ता की मंशा पर आधारित है।

आप सो रहे हैं और अचानक से आपके मन में आता है कि यूरोप की सबसे ठंडी जगह कौन सी है? अगर आप इसका जवाब नहीं जानते हैं तो तुरंत फोन उठाकर गूगल करेंगे. आपकी क्वेरी के जवाब में गूगल हजारों-लाखों सर्च रिजल्ट निकालकर ले आएगा. इनमें आप न सिर्फ यूरोप की सबसे ठंडी जगह का पता लगा सकते हैं, बल्कि यह भी जान पाएंगे कि यहां सालभर कितना टेंपरेचर रहता है और कब सबसे ज्यादा बर्फबारी होती है. अगर आप टेक्स्ट नहीं पढ़ना चाहते तो गूगल यहां की फोटो और वीडियो भी दिखा देगा. कुछ ही देर की रिसर्च में आप उस जगह के बारे में सब कुछ जान जाएंगे. लेकिन गूगल को कैसे पता चला कि आपको कौन-सी जानकारी दिखानी है. इंटरनेट पर अनगिनत वेब-पेजेज स्टोर हैं, फिर गूगल उन्हीं वेब-पेजेज को आपके सामने कैसे लाता है, जिनकी आपको जरूरत होती है. उसे कैसे पता चलता है कि आपको कौन-सा सोर्स और वीडियो दिखाना है? आज के एक्सप्लेनर में हम यही जानेंगे कि गूगल समेत बाकी सर्च इंजन कैसे काम करते हैं.

कैसे काम करते हैं सर्च इंजन?

जैसे ही आप सर्च बॉक्स में अपनी क्वेरी टाइप कर ओके करते हैं यह बॉट्स और एल्गोरिद्म की दुनिया में चली जाती है, जो आपकी पसंद का वीडियो दिखाने से लेकर आपके आसपास के उस ढाबे की भी जानकारी दे देते हैं, जिसके बारे में आपको पता नहीं होता. दरअसल, सभी सर्च इंजन आपके सवाल का जल्द से जल्द और एकदम सटीक जवाब देने की कोशिश करते हैं. इसके लिए वो एक मल्टी-स्टेप प्रोसेस फॉलो करते हैं, जिसमें क्रॉलिंग, इंडेक्सिंग, रैंकिंग और रिजल्ट दिखाना आदि शामिल होता है. आपके सवाल पूछने के बाद यह पूरी प्रोसेस शुरू होती है और पलक झपकते ही यह प्रोसेस कंप्लीट हो जाती है और आपकी स्क्रीन पर हजारों-लाखों जवाब आ जाते हैं.

सबसे पहले होती है क्रॉलिंग

सर्च रिजल्ट की पूरी प्रोसेस क्रॉलिंग से शुरू होती है. सर्च इंजन के क्रॉलर को बॉट या स्पाइडर भी कहा जाता है. आपका सवाल समझने के बाद ये इंटरनेट पर घूमकर डेटा इकट्ठा करते हैं. ये बॉट या क्रॉलर एक-एक पेज पर जाकर डेटा इकट्ठा करते हैं. ये क्रॉलर सभी रिलेटेड वेब पेजेज को देखते हैं, नए पेज को डिस्कवर करते हैं और यहां तक कि किसी पुराने पेज में हुए चेंज पर भी नजर रखते हैं. फिर से सारी रिलेटिड इंफोर्मेशन कलेक्ट कर लेते हैं. गूगल का सर्च इंजन इसी तरीके से काम करता है. यह लगातार अपडेट्स के लिए स्कैन करता रहता है. क्रॉलर का काम सिर्फ डेटा और इंफोर्मेशन को कलेक्ट करना होता है. इसके बाद यह प्रोसेस इंडेक्सिंग के लिए चली जाती है.

इंडेक्सिंग में क्या होता है?

जब क्रॉलर पेजेज से डेटा कलेक्ट कर लेते हैं तो इस पूरी इंफोर्मेशन को ऑर्गेनाइज करने की जरूरत पड़ती है. डेटा या इंफोर्मेशन को ऑर्गेनाइज किए बिना यूजर को रेलिवेंट रिजल्ट दिखाना मुश्किल हो जाता है, इसलिए इंडेक्सिंग की जरूरत पड़ती है. सर्च इंडेक्स एक बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी कैटलॉग की तरह होता है. सर्च इंजन के इंडेक्स में अरबों-खबरों वेबपेजेज हो सकते हैं. इंडेक्सिंग का एल्गोरिद्म किसी भी पेज के कंटेट को एनालाइज करता है. यानी यह वेब पेज पर टेक्स्ट, इमेज, मेटाडेटा और इनबाउंड लिंक्स को देखता है. यह डुप्लिकेट पेजेज का भी पता लगा लेता है ताकि इंडेक्स पर एक जैसे पेजेज की भीड़ को रोका जा सके. एक बार सारी इंफोर्मेशन को इंडेक्स करने के बाद इसकी रैंकिंग का काम शुरू होता है.

कैसे होती है रैंकिंग?

जब आपकी क्वेरी के जवाब में स्क्रीन पर रिजल्ट नजर आते हैं तो ये रैंडम पेजेज नहीं होते हैं. सर्च इंजन का एल्गोरिद्म रेलिवेंस और अथॉरिटी के आधार पर उन्हें रैंक करता है. रैंकिंग में सबसे ऊपर वाले पेज आपको सबसे पहले दिखाए जाते हैं और आपको अधिकतर जानकारी पहले पेज पर नजर आने वाले रिजल्ट में मिल जाती है. रैंकिंग के लिए सर्च इंजन कीवर्ड यूज, इनबाउंड लिंक, कंटेट की फ्रेशनेस, मोबाइल यूजैबिलिटी, पेज स्पीड और कई दूसरे फैक्टर्स को देखा जाता है. इसके अलावा लोकल सर्च, आपकी सर्च हिस्ट्री और आपके डिवाइस के आधार पर भी रैंकिंग ऊपर-नीचे हो सकती है. इसी रैंकिंग से तय होता है कि आपको सबसे पहले कौन-सा वेब पेज सजेस्ट किया जाएगा. गूगल रैंकिंग के लिए BERT और RankBrain जैसे टूल्स यूज करती है, जो नैचुरल लैंग्वेज को इंटरप्रेट कर सकते हैं. इनकी वजह से सर्च इंजन कीवर्ड्स के साथ-साथ यूजर की इंटेट को भी समझ पाते हैं.

सर्च रिजल्ट से कमाई

गूगल समेत कई सर्च इंजन सर्च रिजल्ट से कमाई करते हैं. गौर करने पर आप पाएंगे कि सर्च बार में जब भी आप कुछ सर्च करते हैं तो ऑर्गेनिक रिजल्ट्स के साथ-साथ पहले एक दो लिंक पर एड लिखा होता है. ये पे-पर-क्लिक मॉडल होता है, जहां एडवरटाइजर अपने रिजल्ट दिखाने के लिए बिड में भाग लेते हैं. यानी सर्च इंजन इन एड के लिए ऑक्शन करते हैं. एडवरटाइजर की बोली और क्वालिटी स्कोर के आधार उसकी एड को सबसे पहले दिखाया जाता है. अकेली गूगल इस तरीके से हर साल अरबों की कमाई करती है.

ये भी पढ़ें-

नया आईफोन खरीदने में छूटेंगे पसीने! महंगी कीमत पर लॉन्च होगी iPhone 18 सीरीज, ये हैं कारण

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

YouTube पर 1000 व्यूज होने पर कितना पैसा देती है कंपनी? जानिए क्या हैं बंपर कमाई के नियम
YouTube पर 1000 व्यूज होने पर कितना पैसा देती है कंपनी? जानिए क्या हैं बंपर कमाई के नियम
महंगा LPG हुआ आउटडेटेड? DME गैस बन जाएगा खाना बनाने के लिए एक आसान और सस्ता तरीका, जानिए क्या है टेक्नोलॉजी
महंगा LPG हुआ आउटडेटेड? DME गैस बन जाएगा खाना बनाने के लिए एक आसान और सस्ता तरीका, जानिए क्या है टेक्नोलॉजी
Instagram-Youtube और Facebook भूल जाइए, पैसों की बारिश कर रहे ये सोशल मीडिया ऐप्स
Instagram-Youtube और Facebook भूल जाइए, पैसों की बारिश कर रहे ये सोशल मीडिया ऐप्स
इलेक्ट्रिक हीटर पर खाना बनाना ज्यादा सस्ता या इलेक्ट्रिक चूल्हे पर? समझें दोनों की पावर
इलेक्ट्रिक हीटर पर खाना बनाना ज्यादा सस्ता या इलेक्ट्रिक चूल्हे पर? समझें दोनों की पावर

वीडियोज

Lee Cronin's The Mummy Review: कमजोर दिल वालों के लिए नहीं! Jack Reynor और Natalie Grace का खौफनाक अभिनय
Raja Shivaji Trailer Review: Riteish Deshmukh ने Shivaji Maharaj की दमदार कहानी दिखाई
Bollywood: क्या कपूर खानदान में फिर आएगी खुशखबरी? | Khabar Filmy Hain | Alia Bhatt
Sansani: इंटरनेशनल मंच पर... ट्रंप को खुला चैलेंज ! | Iran-israel war update
Chitra Tripathi: ईरान का 'मालिक' कौन? | Trump | Hormuz | China | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने से ट्रंप का इनकार, इस्लामाबाद वार्ता पर सस्पेंस, अब पाक ने उठाया ये कदम
ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने से ट्रंप का इनकार, इस्लामाबाद वार्ता पर सस्पेंस, अब पाक ने उठाया ये कदम
बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार को शरद पवार वोट करेंगे या नहीं? जारी किया अपना संदेश
बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार को शरद पवार वोट करेंगे या नहीं? जारी किया अपना संदेश
MS Dhoni की वापसी पर लगी मुहर, CSK ने खुद दिया अपडेट; MI के खिलाफ माही का पहला मैच
MS Dhoni की वापसी पर लगी मुहर, CSK ने खुद दिया अपडेट; MI के खिलाफ माही का पहला मैच
'गिन्नी वेड्स सनी 2' के ट्रेलर लॉन्च में हुई थी सुधीर पांडे की बेइज्जती? एक्टर ने खुद बताया सच
'गिन्नी वेड्स सनी 2' के ट्रेलर लॉन्च में हुई थी सुधीर पांडे की बेइज्जती? एक्टर ने खुद बताया सच
'बोइंग 757 में भरकर ईरान भेजे गए 1.7 अरब डॉलर पर हम...', इस्लामाबाद में पीस टॉक से पहले ट्रंप का बड़ा खुलासा
'बोइंग 757 में भरकर ईरान भेजे गए 1.7 अरब डॉलर पर हम...', इस्लामाबाद में पीस टॉक से पहले ट्रंप का बड़ा खुलासा
क्या देश में एल्कोहॉल से दौड़ेंगी कारें? तेल की किल्लत के बीच सरकार ले आई E85 पेट्रोल का प्लान, जानें क्या है ये
क्या देश में एल्कोहॉल से दौड़ेंगी कारें? तेल की किल्लत के बीच सरकार ले आई E85 पेट्रोल का प्लान, जानें क्या है ये
JEE मेन रिजल्ट में चमका कबीर का नाम, 300 अंक लाकर रचा इतिहास  
JEE मेन रिजल्ट में चमका कबीर का नाम, 300 अंक लाकर रचा इतिहास  
क्या पाइपलाइन बिछाकर रूस से क्रूड ऑयल मंगा सकता है भारत, जानें कितना मुश्किल है यह प्लान?
क्या पाइपलाइन बिछाकर रूस से क्रूड ऑयल मंगा सकता है भारत, जानें कितना मुश्किल है यह प्लान?
Embed widget