IPS मॉनिटर खरीदने से पहले जान लें! आखिर कितने साल तक चलता है इसका डिस्प्ले? क्या है टेक्नोलॉजी
IPS Display: IPS पैनल की उम्र केवल पैनल पर ही निर्भर नहीं करती बल्कि उसकी बैकलाइट तकनीक भी एक अहम भूमिका निभाती है.

- अत्यधिक ब्राइटनेस, गर्मी, वोल्टेज से उनका जीवन घटता है।
IPS Display: आज के समय में मॉनिटर चुनते वक्त ज्यादातर लोग IPS (In-Plane Switching) पैनल को प्राथमिकता देते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतरीन कलर क्वालिटी, बेहतर व्यूइंग एंगल और शानदार परफॉरर्मेंस है. चाहे ग्राफिक डिजाइनिंग हो, वीडियो एडिटिंग हो या फिर नॉर्मल ऑफिस का काम, IPS मॉनिटर लगभग सभी जगह अपना बेहतरीन प्रदर्शन दे चुका है. लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर एक IPS मॉनिटर कितने समय तक चलता है? आइए डिटेल से समझते हैं.
कितनी होती है IPS मॉनिटर की लाइफ?
नॉर्मली IPS मॉनिटर काफी लंबे समय तक काम करते हैं. ज्यादातर IPS पैनल लगभग 30,000 से 60,000 घंटे तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिसके बाद उनकी ब्राइटनेस नए डिवाइस के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है.
अगर कोई व्यक्ति रोजाना लगभग 8 घंटे मॉनिटर का इस्तेमाल करता है तो यह पीरियड लगभग 10 से 20 साल तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि IPS मॉनिटर को लंबी उम्र वाले डिस्प्ले में से एक माना जाता है.
LED बैकलाइट वाले मॉनिटर ज्यादा टिकाऊ होते हैं
IPS पैनल की उम्र केवल पैनल पर ही निर्भर नहीं करती बल्कि उसकी बैकलाइट तकनीक भी एक अहम भूमिका निभाती है. पुराने मॉनिटर CCFL (Cold Cathode Fluorescent Lamp) बैकलाइट का इस्तेमाल करते थे जिनकी औसत लाइफ लगभग 25,000 से 40,000 घंटे तक होती थी. वहीं एडवांस LED बैकलाइट वाले IPS मॉनिटर अक्सर 50,000 घंटे या उससे ज्यादा समय तक शानदार परफॉर्मेंस देने में सक्षम होते हैं.
2010 के बाद से मॉनिटर बनाने वाले धीरे-धीरे CCFL तकनीक को छोड़कर LED बैकलाइट पर शिफ्ट हो गए. इसलिए आज बाजार में मिलने वाले लगभग सभी IPS मॉनिटर LED तकनीक के साथ आते हैं.
इन कारणों से कम हो जाती है IPS मॉनिटर की लाइफ
हालांकि IPS पैनल लंबे समय तक चलते हैं लेकिन कुछ परिस्थितियां में उनकी लाइफ कम हो सकती हैं.
हमेशा बहुत ज्यादा ब्राइटनेस पर इस्तेमाल करना
अगर मॉनिटर को लगातार 100% ब्राइटनेस पर लंबे समय तक चलाया जाए तो बैकलाइट पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इससे समय के साथ ब्राइटनेस तेजी से कम हो सकती है.
बहुत ज्यादा गर्म वातावरण
बहुत ज्यादा तापमान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए नुकसानदायक होता है. अगर मॉनिटर लगातार गर्म माहौल में रखा जाए तो उसके अंदर के पार्ट्स और पैनल जल्दी खराब हो सकते हैं.
वोल्टेज में उतार-चढ़ाव
बार-बार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव या बिजली के झटके मॉनिटर की पावर सर्किटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे डिवाइस की उम्र कम हो सकती है.
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