खतरों से खाली नहीं है Dark Web, यूज करने से पहले जान लें खुद को सेफ रखने के तरीके
Dark Web: डार्क वेब इंटरनेट की वो छिपी हुई दुनिया है, जो ज्यादातर गलत कारणों से ही सुर्खियों में रहती है. इसे एक्सेस करने के लिए स्पेशल टूल्स की जरूरत पड़ती है और सेफ्टी के लिए अलर्ट रहना जरूरी है.

- सुरक्षा उपायों के साथ ही डार्क वेब का उपयोग करें।
Dark Web: ज्यादातर लोग किन्हीं गलत कारणों के चलते ही डार्क वेब का नाम सुनते हैं. डेटा चोरी हो या अवैध सामान का लेनदेन, सब इंटरनेट की इस छिपी हुई दुनिया में होता है. यही कारण है कि डार्क वेब खतरों से खाली नहीं है. हालांकि, डार्क वेब को यूज करना गैर-कानूनी है, लेकिन इस पर कई गैर-कानूनी चीजें होती हैं, जिस कारण इसके यूज को लेकर लोगों में डर बैठा हुआ है. अगर आप इसे एक्सेस करना चाहते हैं तो स्पेशल टूल्स की जरूरत होती है. आज हम आपको बताएंगे कि डार्क वेब क्या होती है, क्यों इसके नाम पर इतना हल्ला होता है और इसे यूज करते सेफ कैसे रहा जा सकता है.
क्या है Dark Web?
इंटरनेट की तीन लेयर में से एक Dark Web है. यह आम लोगों को नजर आने वाली सरफेस लेयर से बहुत अलग होती है. सरफेस लेवल की तरह डार्क वेब पर बनी वेबसाइट का URL नहीं होता. इस पर डीसेंट्रलाइज्ड और नॉन-इंडेक्स्ड वेब पेजेज होते हैं और यहां साइबर सिक्योरिटी के नियम लागू नहीं होते. किसी सेंट्रल सर्वर की जगह प्रॉक्सी सर्वर के जरिए इस नेटवर्क को ऑपरेट किया जाता है. इसकी शुरुआत 2002 में सिक्योर कम्युनिकेशन चैनल के तौर पर की गई थी, लेकिन अब इसका यूज पूरी तरह बदल चुका है.
क्यों खतरनाक बन गई Dark Web?
डार्क वेब अपनी खूबियों के कारण ही खतरनाक बन गई. दरअसल, इस पर होने वाली बातचीत और ट्रांजेक्शन्स को ट्रैक नहीं किया जा सकता और न ही यहां कोई नियम लागू है. इस कारण यह साइबर क्रिमिनल का फेवरेट स्पॉट बन चुकी है. अब इस पर हथियारों और ड्रग्स की खरीद-बिक्री जैसे अवैध काम होते हैं. इसके अलावा यहां लीक और चोरी हुए डेटा को भी खरीदा और बेचा जाता है. इस कारण इसे यूज करना खतरे से खाली नहीं है.
डार्क वेब पर कैसे रहें सेफ?
डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए स्पेशल ब्राउजर की जरूरत होती है. कई कारणों से इस पर सर्च प्रोसेस काफी धीमी रहती है और बिना पूरी जानकारी के डार्क वेब को एक्सेस करना जोखिम भरा हो सकता है. फिर भी अगर आप डार्क वेब यूज करते हैं तो नीचे दिए गए सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना चाहिए.
- होम नेटवर्क से से अलग इंटरनेट कनेक्शन यूज करें.
- डेटा सेफ्ट के लिए आइंडेटिटी थेफ्ट प्रोटेक्शन यूज करना न भूलें.
- लगातार पासवर्ड बदलते रहें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल रखें.
- अपनी पर्सनल इंफोर्मेशन को प्राइवेट रखें और बैंक और क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर नजर बनाए रखें.
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Source: IOCL



























